Monthly Archives: June 2017

गौरक्षा के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी की तारीफ

नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गोरक्षा के नाम पर हिंसा के खिलाफ गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की तारीफ की. उमर अब्दुल्ली ने उम्मीद जताई कि कथित गौरक्षक प्रधानमंत्री की सलाह पर गौर करेंगे. 

उमर ने किया ट्वीट

उमर ने ट्वीट किया, ‘बहुत अच्छी बात कही सर. अब यह उम्मीद करते हैं कि इस तरह के घृणित कृत्य करने वाले लोग आपके शब्दों को दिल से स्वीकार करें और उसके अनुसार काम करें.’ नेशनल कांफ्रेंस के नेता प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जो गोरक्षा के नाम पर हिंसा की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया.

पीएम ने कहा था कि गौ-भक्ति के नाम हत्या स्वीकर नहीं की जा सकती

बता दें प्रधानमंत्री मोदी ने गूरूवार को अहमदाबाद में साबरमती आश्रम के शताब्दी वर्ष समारोह के मौके पर अपने भाषण में कहा, ‘गौ भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं है. इसे महात्मा गांधी कभी स्वीकार नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘चलिए सभी मिलकर काम करें. महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाते हैं. एक ऐसा भारत बनाते हैं जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो.’ उन्होंने कहा, ‘देश में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है.’

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अब कहां खाएंगे मैकडी का वर्गर, दिल्ली के 55 में से 43 मैकडॉनल्ड्स रेस्टॉरेंट हुए बंद

नई दिल्ली. अमेरिका की कंपनी मैकडॉनल्ड्स और कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स (सीपीआरएल) के बीच जारी आपसी मतभेद के चलते दिल्ली में गुरूवार से 55 में से 43 मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट्स बंद हो गए है. दरअसल मैकडॉनल्ड्स सीपीआरएल के साथ मिलकर उत्तर और पूर्व भारत में फास्ट फूड चेन का संचालन करती है.

1700 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा

आउटलेट्स बंद करने का एलान बुधवार की सुबह स्काइप के जरिए हुई बोर्ड मीटिंग के दौरान किया गया. रेस्तरां को अस्थायी तौर पर बंद किए जाने की वजह के बारे में दोनों पार्टनर्स ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है. मैकडॉनल्ड्स आउटलेट के अस्थायी तौर पर बंद करने से 1,700 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है. सीपीआरएल देश में 168 रेस्टोरेंट्स ऑपरेट करती है. मीडिया की खबरों के मुताबिक ये रेस्टोरेंट अस्थायी तौर पर बंद किए गए हैं लेकिन ये कब खोले जाएंगे इस बारे में कंपनी ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है.

हेल्थ लाइसेंस रिन्यू कराने में नाकाम रही सीपीआरएल

सीपीआरएल के पूर्व एमडी विक्रम बख्शी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जिन 43 रेस्ट्रॉन्ट्स को सीपीआरएल ऑपरेट कर रही थी, उन्हें अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।’ बख्शी और उनकी पत्नी अब भी सीपीआरएल बोर्ड में हैं. सीपीआरएल के बोर्ड में मैकडॉनल्ड्स के भी दो प्रतिनिधि हैं. हालांकि दोनों ही पार्टनर्स ने रेस्टोरेंट्स को अस्थाई तौर बंद किए जाने की वजह के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन  सूत्रों का कहना है कि बख्शी और मैकडॉनल्ड्स के बीच चल रही लड़ाई के बीच सीपीआरएल हेल्थ लाइसेंस रिन्यू कराने में नाकाम रही. 

 

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चिकित्‍सकों ने स्‍वीकारा, जेल में पिटाई किए जाने का इंद्राणी का दावा सही

मुंबई : शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के भायखला जेल अधिकारियों द्वारा पिटाई किए जाने के आरोप सच है. सरकारी जे जे अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की.  इंद्राणी और अन्य कैदियों पर महिलाओं की जेल में दंगा करने का मामला दर्ज किया गया है.

दो दिन पहले लगाया था आरोप

इंद्राणी ने दो दिन पहले आरोप लगाया था कि उसे जेल में एक दोषी की मौत को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद जेल अधिकारियों ने पीटा और यौन शोषण करने की धमकी दी. पूर्व मीडिया कार्यकारी के वकील ने बाद में सीबीआई अदालत में एक अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि जेल अधिकारियों और अधीक्षक ने इंद्राणी से गाली गलौज की और जेल में मौत के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यौन शोषण करने की धमकी दी.

और पढ़ें : इंद्राणी मुखर्जी पर जेल में दंगा फैलाने का आरोप, केस दर्ज

गुम चोटें आने की पुष्टि की

विशेष सीबीआई न्यायाधीश जे सी जगदले ने बुधवार को कहा था कि इंद्राणी को पहले चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाए और बाद में उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने ले जाया जाए. जेजे अस्पताल में इंद्राणी की चिकित्सीय जांच की गई. अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि इंद्राणी को कुछ गुम चोटें और अन्य चोटें भी आई हैं.

इंद्राणी के दावे सही लग रहे

जांच के अनुसार पिटाई किए जाने के उनके दावे सही लग रहे हैं. अधिकारी ने कहा कि इंद्राणी की चिकित्सा रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाएगी क्योंकि अदालत ने चिकित्सा जांच के आदेश दिए थे. पुलिस ने बताया कि 23 जून को महिला दोषी मंजू गोविंद शेट्टे (45) की मौत से गुस्साई कैदियों ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किए. उनमें से कुछ जेल की छत पर चली गईं जबकि कुछ अन्यों ने अपना गुस्सा जताने के लिए परिसर के भीतर अखबारों और दस्तावेजों में आग लगा दी.

और पढ़ें : इंद्राणी मुखर्जी ने कोर्ट से कहा, ‘जेलकर्मियों ने मेरे हाथ-पैरों में मारा

बाद में नागपाडा पुलिस ने इंद्राणी समेत भायखला जेल की करीब 200 कैदियों पर दंगा करने, गैरकानूनी ढंग से एकत्रित होने, सरकारी सेवक पर हमला करने और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए. इंद्राणी ने यह भी बताया कि उसने महिला कैदी को कथित तौर पर पीटे जाते हुए देखा था. उसने कहा कि जब उसने शेट्टे की मौत से पहले उसकी हालत के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि वह ठीक है. हालांकि बाद में इंद्राणी को पता चला कि शेट्टे की मौत हो गई है.

इंद्राणी ने बुधवार को सीबीआई अदालत को बताया कि शेट्टे की मौत का मामला दर्ज किए जाने के बाद उसने जेल अधिकारियों को बताया कि वह इस मामले में गवाही देने के लिए तैयार है. प्रदर्शन वाले दिन के घटनाक्रमों को याद करते हुए उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने जेल की लाइटें बंद करने के बाद लाठीचार्ज करने के आदेश दिए थे. उसने आरोप लगाया कि यहां तक कि पुरुष अधिकारियों ने जेल में कैदियों पर लाठीचार्ज किया.

उसने कहा कि मुझे हाथ और पैर पर मारा गया. मैं मुश्किल से चल पा रही हूं. उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने उससे कहा, तू गवाह बनने जा रही है… तेरे को भी देख लेंगे. उसने कहा कि अधीक्षक ने उसे धमकी देते हुए कहा कि हम तेरे साथ भी वही करेंगे तो हमने शेट्टे के साथ किया था.

 

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उपराष्ट्रपति चुनाव: नामांकन की आखिरी तारीख 18 जुलाई, जरूरी हुआ तो 5 अगस्त को मतदान और फैसला

नई दिल्ली:  उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने गुरुवार को इस चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान किया. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना चार जुलाई को जारी की जाएगी. नामांकन भरने की अंतिम तिथि 18 जुलाई होगी तथा छंटनी का कार्य 19 जुलाई को किया जाएगा.

नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 21 जुलाई है और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना चार जुलाई को जारी होगी. अगर जरुरी हुआ तो मतदान पांच अगस्त को होगा और वोटों की गिनती भी उसी दिन होगी. 

मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त तक

मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है. वह दो बार से इस पद पर हैं. राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित और नामांकित सदस्य उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है. इस समय दोनों सदनों की कुल सदस्य संख्या 790 है लेकिन कुछ सीट रिक्त हैं.

गोवा से राज्यसभा सीट के लिए चुनाव की घोषणा

इसी बीच चुनाव आयोग ने गोवा से राज्यसभा सीट के लिए चुनाव की घोषणा की है. कांग्रेस के शांताराम नाईक का कार्यकाल 28 जुलाई को समाप्त हो रहा है और इस सीट पर 21 जुलाई को चुनाव होगा। उसी दिन शाम को मतगणना होगी. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक नाईक 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में मतदान कर सकेंगे.

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एलओसी पर पाक ने फिर किया सीजफायर का उल्‍लंघन, दो जवान जख्‍मी

श्रीनगर : जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ सेक्‍टर में पाकिस्‍तान की तरफ से एलओसी पर एक बार फिर से सीजफायर तोड़ने की खबर है. इसमें दो जवान मामूली रूप से घायल हुए हैं, जख्‍मी जवानों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पड़ोसी मुल्‍क के जवानों ने देर रात करीब 1.30 बजे फायरिंग शुरू की, जिसके बाद भारतीय जवानों ने भी जबावी फायरिंग की.

और पढ़ें : पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्‍लंघन, 6 दिन में 13 आतंकी ढेर

बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तान ने फा‍यरिंग करने के साथ ही मोर्टार भी दागे. जानकारी के मुताबिक पाक सेना की तरफ से अभी भी फायरिंग जारी है. आपको बता दें कि पाकिस्‍तान समय- समय पर सीजफायर का उल्‍लंघन करता रहता है. पिछले महीने भी पाक की तरफ से कई बार सीजफायर उल्‍लंघन किया गया.

जून की शुरुआत में ही भारतीय सेना की तरफ से की गई जवाबी फायरिंग में पाकिस्‍तान के पांच जवानों की मौत हो गई थी. 

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IGI एयरपोर्ट से इटली की महिला को अगवा कर चंडीगढ़ ले जाया गया, दो अरेस्ट

नई दिल्ली. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दो लोगों ने 36 साल की इतालवी महिला को कथित तौर पर अगवा कर लिया और उससे 500 यूरो लूट लिए और महिला को चंडीगढ़ ले गए. पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

20 जून को दिल्ली पहुंची थी महिला

महिला 20 जून को दिल्ली पहुंची थी और उसके बाद पहाड़गंज स्थित होटल जाने के लिए टैक्सी बुक की थी. हालांकि ड्राइवर उसे गोल मार्केट स्थित फर्जी सरकारी ऑफिस ले गया. उसे बताया गया कि दिल्ली में चुनाव होने की वजह से पहाड़गंज की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद हैं. 

महिला को जबरदस्ती चंडीगढ़ ले गए आरोपी

महिला को इस बात पर संदेह हुआ और उसने आरोपियों से वाईफाई पासवर्ड मांगा. इसके बाद उसने अपने फेसबुक वॉल पर एक मैसेज पोस्ट किया. इस पर आरोपियों को लगा कि महिला को उनके बारे में शह हो गया है और उन्होंने उससे 500 यूरो लूट लिए और जबरदस्ती कार में बैठा दिया. आरोपी महिला को आवाज उठाने पर नतीजा भुगतने की धमकी देते हुए चंडीगढ़ ले गए.

चंड़ीगढ़ में महिला आरोपियों के चंगुल से भागने में कामयाब रही

चंडीगढ़ पहुंचने के बाद महिला उनके चंगुल से भागने में कामयाब रही और उसने इटली के दूतावास को इस बारे में सूचित किया. दूतावास ने दिल्ली पुलिस को मामले के बारे में सूचित किया और मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि तकनीकी सवर्लिांस के बाद आरोपियों निक्की एवं पृथ्वी राज को अरेस्ट कर लिया गया.

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चीनी मीडिया ने भी माना, मोदी की अमेरिका यात्रा से भारत को फायदा हुआ

बीजिंग: चीन के सरकारी मीडिया ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बाद दोनों देशों के संबंधों ने नई उंचाइयां छुईं और इससे कई ‘सकारात्मक नतीजे’ आए. मोदी की अमेरिकी यात्रा को लेकर सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के एक समाचार विश्लेषण लेख में कहा गया कि ट्रंप के जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से यह किसी राष्ट्र प्रमुख के साथ ट्रंप का पहला वर्किंग डिनर था.

और पढ़ें : इजरायली मीडिया में छाए मोदी, अखबार ने लिखा, ‘जाग जाइए : दुनिया के महत्वपूर्ण पीएम आ रहे हैं’

ट्रंप को बताया भारत का सच्चा दोस्त

इसमें कहा गया कि ट्रंप, जिन्होंने कहा कि वह भारत के ‘सच्चे दोस्त’ हैं, ने पूर्ववर्ती बराक ओबामा के शासनकाल में गहराए उन संबंधों को और मजबूत किया जिनके लिए उससे पहले जॉर्ज डब्ल्यू बुश एवं बिल क्लिंटन ने योगदान दिया था. लेख के मुताबिक, ‘इस दौरे को विशेषज्ञ इस बात को ध्यान में रखकर शानदार बता रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप के जलवायु परिवर्तन से संबंधित पेरिस समझौते से पीछे हटने के साथ भारत पर समझौते के कायार्न्वयन के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाने के बाद दोनों देशों के बीच विवाद हुआ था.

और पढ़ें : मोदी-ट्रंप मुलाकात: भारत-अमेरिका साझा बयान की 10 बड़ी बातें

ट्रंप ने पाकिस्तान को भी संदेश दिया

इसमें कहा गया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद को लेकर मजबूत सहयोग सुनिश्चित करने का प्रण लिया. ट्रंप ने साथ ही पाकिस्तान को संदेश भी दिया कि वह 26/11 के मुंबई हमले, पठानकोट एवं पाकिस्तान स्थित समूहों द्वारा किए गए दूसरे सीमा पार आतंकी हमलों के गुनहगारों को तेजी से सजा दे. 

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पेट्रोलियम और रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाना राज्यों के हित में होगा: अरुण जेटली

नई दिल्ली : जीएसटी लागू होने से दो दिन पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जी बिजनेस को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जीएसटी के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उम्मीद जताई की जल्द ही पेट्रोल और रियल एस्टेट को भी जीएसटी के दायरे ले आया जाएगा. उन्होंने कहा केंद्र तो इन दोनों को जीएसटी के दायरे में  लाना चाहता था लेकिन राज्यों को कुछ समस्या जिसकी वजह से इनको छोड़ दिया गया है.  उन्होंने उम्मीद जताई कि जब जीएसटीएन की फंक्शनिंग सामन्य हो जाएगी और लोग इसका फायदा देखेंगे तो राज्य इसको भी लाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम और रियल एस्टेट को GST में लाना राज्यों के हित में होगा. 

राजनीतिक दलों ने दिखाई परिपक्वता

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी एक ऐसा मुद्दा है जिसमें कमोबेश सभी राजनीतिक दलों की सहमति शामिल है. उन्होंने जो राजनीतिक दल अभी भी कुछ बिंदुओं पर विरोध कर रहे हैं वह अपने विरोध को छोड़ेंगे.वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्री थे अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के लोग थे, नियम बनाए गए, रेट्स तय किए गए, प्रक्रियाएं तय की गई और सैंकड़ों निर्णय लिए गए, सब सर्वसम्मति से लिए गए. वित्त मंत्री ने कहा कि देश की राजनीति करने वाले लोगों ने, शासन चलाने वाले लोगों ने, राजनीतिक विचारधारा और मतभेद के बावजूद भी एक विचित्र मैच्योरिटी दिखाई है. 

जीएसटी लागू होने से कारोबार हो जाएगा आसान

वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद कारोबार काफी आसान हो जाएगा, कारोबार करने का तरीका बदल जाएगा और टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी. एयर इंडिया के प्राइवेटाइजेशन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम एयर लाइन को घाटे में नहीं चला सकते. 

‘गरीब और अमीर बराबर टैक्स दें ऐसा नहीं होगा’

जेटली ने कहा कि सरकार ने एक ऐसी स्थिति नहीं बनानी चाहती जिसमें गरीब और अमीर को एक जैसा टैक्स देना पड़े. उन्होंने कहा कि जो प्रोडेक्ट्स गरीब इस्तेमाल करते हैं उस पर कम टैक्स लगना होगा और जो लग्जरी प्रोडेक्ट्स हैं उन पर ज्यादा टैक्स लगे. वित्त मंत्री ने एयर इंडिया के प्राइवेटाइजेशन पर भी बात की.उन्होंने कहा कि हम एयर इंडिया  को घाटे में नहीं चला सकते हैं.

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योग में गोल्ड मेडलिस्ट मां के साथ कर रही मजदूरी, पिता बेचते हैं गुब्बारे

रायपुर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) पर जहां पूरी दुनिया योगासन में व्यस्त थीं, वहीं छत्तीसगढ़ की रहने वाली दामिनी साहू ईंट और गारा ढो रही थी. जी हां, यह कहानी है अंतरराष्ट्रीय योग स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली दामिनी की. अंग्रेजी की एक प्रतिष्ठित वेबसाइट में प्रकाशित खबर के मुताबिक दामिनी घर खर्च में मदद करने के लिए मजदूरी करती है.

रायपुर से 65 किमी दूर दर्रा गांव (जिला धमतरी) की रहने वाली दामिनी ने तमाम परेशानियों के बावजूद 6 से 9 मई तक काठमांडू में आयोजित होने वाली ‘साउथ एशियन योगा स्पोट्र्स चैंपियनशिप’ में हिस्सा लिया था. यहां उसने पाकिस्तान के खिलाड़ी को धूल चटाकर गोल्ड पर कब्जा किया था.

एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी वेबसाइट से दामिनी ने बातचीत में बताया कि मेरे पास नेपाल जाने के लिए पैसे नहीं थे. इसके लिए मैंने 4 मई को केंद्रीय मंत्री अजय चक्रधर से आर्थिक मदद के लिए गुजारिश की लेकिन उनकी तरफ से मदद नहीं मिली. अंत में मैंने दो प्रतिशत प्रतिमाह के ब्याज पर पैसे लेकर नेपाल जाकर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया.

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने योग के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए ‘योग कमीशन’ बनाया है. वेबसाइट के मुताबिक इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री से बात करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो सकी. सात साल की उम्र में योग का अभ्यास शुरू करने वाली दामिनी बताती हैं कि केंद्रीय मंत्री मेरे पास के ही कुरुड लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं.

प्रतिदिन आठ से दस घंटे दैनिक मजदूरी करके 100 से 150 रुपये कमाने वाली दामिनी बताती हैं कि मैं पिछले सात महीने से लेबर कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगा रही हूं. परिवार का गुजारा चलाने के लिए मेरी मां भी मजदूरी करती हैं. दामिनी के पिता दिव्यांग होने के कारण काम करने में असमर्थ हैं और वह गुब्बारे बेचकर परिवार के भरण पोषण में मदद करते हैं.

दामिनी के तीन छोटे भाई-बहन हैं. बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा पास कर चुकी दामिनी ने बताया कि मेरा कॉलेज ही मेरे लिए प्रेरणास्रोत रहा. अब मैं शाम को मजदूरी के बाद समय मिलने पर योग करती हूं.

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डियर जिंदगी: सारे दोस्‍त हमेशा के लिए नहीं होते…

दोस्‍तों को लेकर क्रेजी होना नई बात नहीं. हर कोई होता है, लेकिन यह वन-वे ट्रैफि‍क है. और अगर है भी तो कब तक? ‘डियर जिंदगी’ को अहमदाबाद से नियमित पाठक का ईमेल मिला. आईआईएम से पूर्व छात्र, वहीं मल्‍टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले दिनेश वर्मा ने दोस्‍तों को लेकर अनूठे अनुभव साझा किए हैं. आइए, आज इसी पर बात करते हैं. दिनेश ने लिखा है..

1. दोस्‍त बहुत सारे होते हैं, जब तक आप सफल न हों. सफलता दोस्‍तों की दुश्‍मन है.

2. हर दोस्‍त हमेशा पुराने जैसा नहीं रहता. वह काम आपके साथ नहीं रहता. उनकी मजबूरी को समझें 

3. परिचित और दोस्‍तों में अंतर होता है. हर वह व्‍यक्‍ति जिसका मोबाइल में नंबर हो, दोस्‍त नहीं होता. 

दिनेश लिखते हैं, ‘दोस्‍ती को लेकर उनका संघर्ष, दोस्‍तों की जिंदगी में हुए कुछ परिवर्तनों के बाद शुरू हुआ. लेकिन उनके लिए इसे संभाल पाना इतना मुश्किल हो गया कि इसकी कीमत उन्‍हें प्रोफेशनल लाइफ में कुछ अवसर गंवाने की हद तक चुकानी पड़ी. आईआईएम से प्रबंधन की पढ़ाई पढ़ने वाला जिंदगी के छोटे से प्रबंधन में उलझ गया’. उन्‍होंने हर जान पहचान, परिचित को दोस्‍त मानने की गलती कर दी. वह सबके लिए उपलब्‍ध रहने कि कोशिश में खुद को स्‍वयं के लिए अनुपलब्‍ध करवा बैठे. हर किसी को प्रसन्‍न की आदत उनको संयुक्‍त परिवार से मिली, लेकिन इसे परिचितों, प्रोफेशनल दुनिया से कैसे निभाना है, इसमें दिनेश लगातार गलती करते रहे.

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उन्‍होंने अपने खास दोस्‍तों के लिए बच्‍चों, पत्‍नी को मिलने वाले समय को आधा कर दिया. घर की जगह दोस्‍तों की खुशी को उन्‍होंने महत्‍व दिया. यहां तक सब ठीक था, क्‍योंकि उनकी पत्‍नी बेहद समझदार, संवेदनशील हैं. लेकिन जैसे ही उनके सबसे अजीज दोस्‍तों की शादियां शुरू हुईं. दोस्‍तों ने उनकी जगह अपने परिवार को चुना. परिवार के समय के आधार पर उनको समय देना शुरू कर दिया. 

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यहां से दिनेश का मुश्किल समय शुरू हो गया. वह खुद को संभालने में नाकाम हो गए. उनके भीतर एक हलचल शुरू हो गई. उन्‍हें ‘अपेक्षा’ के अवसाद ने घेर लिया. पत्‍नी और बच्‍चों के साथ के बाद भी उन्‍हें अचानक एहसास हुआ कि वह कितने अकेले हैं. क्‍योंकि उनके अजीज दोस्‍तों ने शादी के बाद खुद को अपनी ‘प्रायरिटीज’ के हिसाब से तय कर ली. बड़ी मुश्किल से दिनेश खुद को सामान्‍य कर पाए. उन्‍होंने खुद को परिवार के साथ रि-एलाइन किया. अपनी रुचियों की ओर मुड़े. दोस्‍तों से गिले-शिकवे की जगह व्‍यावहारिक रवैए को अपनाया. 

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आप दूसरों से जितना प्रेम करते हैं, जैसा व्‍यवहार करते हैं, जरूरी नहीं कि उनकी ओर से समय आने पर वैसा ही व्‍यवहार मिले. इसलिए जितना संभव हो अपने मन के बगीचे में ‘अपेक्षा’ की घास कम से कम उगने दें. किसी से प्रेम करना, उसकी समय आने पर मदद करना,यह आपका स्‍वभाव है, दूसरे का नहीं. इसलिए अपने जैसे व्‍यवाहर की उम्‍मीद दूसरे से बिल्‍कुल नहीं करनी चाहिए. हम वह कर रहे हैं, जो हमें खुशी देता, लेकिन यह दूसरे का स्‍वभाव नहीं है. आप अपने स्‍वभाव में रहें, दूसरों को ‘अपने’ में रहने दें. बस, इतना जरूर करें कि दिनेश के इस दोस्‍ती मैनेजमेंट सबक को अपनी जिंदगी में जरूर जांच लें, कहीं आप भी तो इसी राह पर नहीं चल रहे हैं. 

(लेखक ज़ी न्यूज़ में डिजिटल एडिटर हैं)

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