Monthly Archives: September 2017

राजनाथ ने चीनी सीमा पर रह रहे लोगों को बताया देश की रणनीतिक पूंजी

आईटीबीपी के पहले बटालियन कैंप के जवानों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सीमाई आबादी को और तवज्जो मिलनी चाहिए क्योंकि सरकार इन सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों पर पूरा भरोसा करती है.


भाषा | अंतिम अपडेट: Sep 30, 2017, 11:49 PM IST

राजनाथ ने चीनी सीमा पर रह रहे लोगों को बताया देश की रणनीतिक पूंजी

उत्तराखंड के रिमखिम में आईटीबीपी के बॉर्डर आउट पोस्ट पर सलामी लेते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह. (PTI Photo/PIB/30 Sep, 2017)

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सर्दियों के लिए बद्रीनाथ के कपाट 19 नवंबर को बंद होंगे

उत्तराखंड में स्थित चारों धाम- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट हर साल सर्दियों के लिए अक्तूबर नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं क्योंकि वहां बर्फबारी होती है और वहां जाना दुर्गम हो जाता है.


भाषा | अंतिम अपडेट: Oct 1, 2017, 12:02 AM IST

सर्दियों के लिए बद्रीनाथ के कपाट 19 नवंबर को बंद होंगे

बद्रीनाथ के कपाट 19 नवंबर को बंद किए जाएंगे. (file)

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गौरक्षकों को हिंसक घटनाओं के साथ जोड़ना ठीक नहीं : मोहन भागवत

नागपुर : गौरक्षा के नाम पर लोगों की कथित रूप से पीट पीट कर हत्या किए जाने की हालिया घटनाओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को स्पष्ट रूप से गौरक्षकों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि गौरक्षकों को हिंसक घटनाओं के साथ जोड़ना ठीक नहीं है. भागवत ने इसके साथ ही कहा कि गौरक्षकों और गौपालकों को चिन्तित या विचलित होने की आवश्यकता नहीं है. चिंतित आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को होना चाहिए, गौरक्षकों को नहीं.उन्होंने साथ ही ऐलान किया कि गौरक्षा व गौसंवर्धन का वैध व पवित्र परोपकारी कार्य चलेगा और बढ़ेगा और यही इन परिस्थितियों का उत्तर भी होगा.

विजयदशमी के मौके पर आरएसएस चीफ का संबोधन
विजयदशमी के पर्व पर आरएसएस मुख्यालय में यहां एक घंटे के अपने संबोधन में भागवत ने अवैध शरणार्थियों, गौ रक्षकों , जम्मू कश्मीर की स्थिति और आर्थिक हालात जैसे कई विषयों का जिक्र किया. मोहन भागवत ने कहा कि गौरक्षा से जुड़े हिंसा व अत्याचार के बहुचर्चित प्रकरणों में जाँच के बाद इन गतिविधियों से गौरक्षक कार्यकर्ताओं का कोई संबंध सामने नहीं आया है. इधर के दिनों में उलटे अहिंसक रीति से गोरक्षा का प्रयत्न करनेवाले कई कार्यकर्ताओं की हत्याएँ हुई है . उसकी न कोई चर्चा है , न कोई कार्रवाई. उन्होंने कहा कि वस्तुस्थिति न जानते हुए अथवा उसकी उपेक्षा करते हुए गौरक्षा व गौरक्षकों को हिंसक घटनाओं के साथ जोड़ना व सांप्रदायिक प्रश्न के नाते गौरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगाना ठीक नहीं है. 

गौरक्षा मसले की पृष्ठभूमि में जाते हुए उन्होंने कहा कि कम खर्चे में विषमुक्त खेती करने का सहज सुलभ उपाय गौ आधारित खेती ही है. इसलिये गौरक्षा तथा गौ संवर्धन की गतिविधि संघ के स्वयंसेवक, भारतवर्ष के सभी संप्रदायों के संत, अनेक अन्य संगठन संस्थाएँ तथा व्यक्ति चलाते हैं. गाय अपनी सांस्कृतिक परंपरा में श्रद्धा का एक मान बिंदु है. गौरक्षा का अंतर्भाव अपने संविधान के मार्गदर्शक तत्वों में भी है . कई राज्यों में उसके लिये कानून विभिन्न राजनीतिक दलों के शासन काल में बन चुके हैं.

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और विशेषकर बांग्लादेश के सीमा पार से गौधन की तस्करी एक चिंताजनक समस्या बनकर उभरी है. गौधन के उपरोक्त लाभों में ये गतिविधियाँ और अधिक उपयुक्त हो जाती हैं. ये सभी गतिविधियाँ, उनके सभी कार्यकर्ता कानून, संविधान की मर्यादा में रहकर करते है. उन्होंने कहा कि अनेक मुस्लिम भी गौरक्षा, गौपालन व गौशालाओं का उत्तम संचालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गौरक्षा के विरोध में होने वाला कुत्सित प्रचार बिना कारण ही विभिन्न संप्रदायों के लोगों के मन पर तथा आपस में तनाव उत्पन्न करता है . यह मैने कुछ मुस्लिम मतानुयायी बंधुओं से ही सुना है.

संघ नेता ने कहा,‘‘ ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी से, सात्विक भाव से, संविधान कानून की मर्यादा का पालन कर चलने वाले गौरक्षकों को, गौपालकों को चिन्तित या विचलित होने की आवश्यकता नहीं. यह हिंसा में लिप्त आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिये चिन्ता का विषय होना चाहिये.’’ उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन को भी स्वार्थी तत्वों द्वारा ऐसे वाक्यों के गलत अर्थ लगाकर, सभी के दृष्टिकोणों को प्रभावित करने की साजिश के प्रति सजग रहना चाहिए. प्रशासन यह चिंता करे कि अपराधी को अवश्य दंड मिले लेकिन निर्दोष लोगों को इससे कोई कष्ट नहीं होना चाहिए . उन्होंने कहा कि गौरक्षा व गौसंवर्धन का वैध व पवित्र परोपकारी कार्य चलेगा और बढ़ेगा. यही इन परिस्थितियों का उत्तर भी होगा.

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LIVE : सत्य पर असत्य की जीत : पीएम मोदी ने तीर चलाकर किया रावण के पुतले का दहन

नई दिल्ली: दशहरे के अवसर पर लाल किले के सुभाष मैदान में  पीएम नरेंद्र मोदी ने तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयश्री राम के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया और कहा कि भारत में सामाजिक शिक्षा का माध्यम है. हमारे त्योहार व्यक्ति को सामूहिकता की तरफ, समाज के प्रति संवेदनशीलता की ओर ले जाते हैं. इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू उपस्थित रहे.  बता दें कि हर साल विजयदशमी के दिन पीएम और राष्ट्रपति रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होते हैं. इस बार दिल्ली की मशहूर श्री धार्मिक लीला कमेटी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ ही पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी उपस्थित हैं. इस अवसर पर राष्ट्रपति और पीएम समेत अन्य नेताओं ने रामलीला के कलाकारों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती भी की. 

राष्ट्रपति ने कहा, ‘दशहरा अच्छाई पर बुराई का प्रतीक’
इस अवसर पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हम सभी लोग जानते हैं कि दशहरा अच्‍छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है. प्रभु राम के जीवन आदर्श आज पूरी मानवता के लिए आज पूरी तरह प्रासंगिक है, लेकिन मुझे लगता है कि उन आदर्शों की सार्थकता तभी कामयाब होगी, जब हम उन्‍हें अपने आचरण में ढालने की कोशिश करें. 

पीएम ने किया संबोधित
लालकिला मैदान में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को विजयदशमी के पावन पर्व पर बहुत शुभकामनाएं. हमारे हर उत्सव मनुष्य को सामूहिकता की तरफ, समाज के प्रति संवेदनशीलता की तरफ ले जाते हैं. हमारे देश में उत्‍सव एक प्रकार से सामाजिक शिक्षा का माध्‍यम है. उन्होंने कहा कि हमारे उत्‍सव खेत खलिहान से भी जुड़े है और नदी-पर्वतों, इतिहास से भी जुड़े हुए हैं. हजारों साल हुए, लेकिन प्रभु राम ओर कृष्‍ण की गाथाएं आज भी समाजिक जीवन को चेतना-प्रेरणा देती रहीं.

2014 के बाद दूसरी बार कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं पीएम 
वर्ष 2014 के बाद यह दूसरा अवसर होगा जब पीएम विजयादशमी  का त्योहार दिल्ली में मनाया है. पिछले वर्ष उन्होंने दशहरा लखनऊ में मनाया था. उससे पहले 2015 में उन्होंने दशहरा के दिन आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की आधारशिला रखी थी और वहीं दिनभर रहे थे. खास बात यह है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का पहला दशहरा भी दिल्ली में ही मनेगा. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व विजय गोयल तथा दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी की मौजूद हैं. 

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सुभाष मैदान में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. दशहरा के मौके पर लालकिला और रामलीला ग्राउंड के अलावा दिल्ली में 600 से 700 जगहों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा.

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टॉम ऑल्टर के निधन पर राष्ट्रपति, पीएम समेत तमाम राजनेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली: जाने माने अभिनेता टॉम ऑल्टर का शनिवार को उनके आवास पर निधन हो गया. 67 वर्षीय टॉम लंबे समय से त्वचा कैंसर से पीड़ित थे. पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता को पिछले साल त्वचा के कैंसर का पता चला था और तभी से उनका इलाज चल रहा था.  इस महीने की शुरुआत में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सैफी अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके निधन के बाद राजनीति, बालीवुड और क्रिकेट जगत की कई मशहूर हस्तियों ने ट्विटर पर शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने टॉम ऑल्टर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘‘वरिष्ठ अभिनेता टॉम ऑल्टर के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. सिने प्रेमी उन्हें याद रखेंगे. उनके परिवार के प्रति शोक संवेदना – राष्ट्रपति कोविंद.

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प्राधनमंत्री कार्यालय की ओर से भी ऑल्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया गया. पीएमओ ने लिखा,‘‘ प्रधानमंत्री, श्री टॉम ऑल्टर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए,उनके फिल्म जगत और थिएटर में दिए योगदान को एकबार फिर से याद करते हैं. उन्होंने श्री टॉम ऑल्टर के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, ‘‘भारत ने एक उत्कृष्ट अभिनेता और बेहतरीन इंसान, पद्मश्री टॉम ऑल्टर को खो दिया. उनके परिवार और प्रशंसकों को संवेदनाएं.’’ इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने लिखा कि टॉम ऑल्टर बेहतरीन अभिनेता और एक भले, सभ्य इंसान थे. वह हमारे देश को दिल से प्यार करते थे और देश को उतने ही अच्छे से जानते थे जितना की एक भारतीय मूल का भारतीय जानता होगा.

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सोनिया ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर में अपनी कई भूमिकाओं से ऑल्टर ने भारतीय दर्शकों के दिलों में खास मुकाम हासिल किया. उन्होंने अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ी है.’’ उन्होंने प्रार्थना की कि दुख की इस घड़ी में अभिनेता के परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों को शक्ति मिले.”

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ऑल्टर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘टॉम ऑल्टर जी ने सिनेमा और थिएटर में काफी योगदान दिया. उनके निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. उनके जाने से जो शून्य पैदा हुआ उसे भरना मुश्किल होगा.’’ ‘‘शतरंज के खिलाड़ी’’, ‘‘जुनून’’ और ‘‘क्रांति’’ में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले ऑल्टर का कल रात मुंबई में निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे.

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मुंबई हादसा : अस्पताल की शर्मनाक हरकत, शवों के माथे पर चिपकाए नंबर

मुंबई : एलफिन्सटन रोड स्टेशन हादसे में मारे गए लोगों के परिजन शवों की तलाश के लिए इधर उधर भटक रहे हैं, ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने एक बोर्ड पर एक फोटो चस्पा कर दी है. इस फोटो पर भारी बवाल खड़ा हो गया है. फोटों में मारे गए लोगों के शव दिखाए गए हैं और इन शवों के माथे पर उनकी शिनाख्त के लिए नंबर चिपकाए गए हैं. शवों को इस तरह से सार्वजनिक करने और उन पर नंबर चिपका देने को लेकर अस्पताल प्रशासन की जमकर आलोचना हो रही है.  प्रशासन पर न केवल शवों बल्कि अपने परिजनों को खोने वाले लोगों के प्रति भी भारी संवेदनहीनता माना जा रहा है.

केईएम अस्पताल ने दावा किया कि यह उपाय अराजकता से बचने के लिये किया गया था. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिये अस्पताल ने बोर्ड पर मृतकों की तस्वीरें लगायी थीं. इस कदम को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी जतायी जा रही है.

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लोग अस्पताल की ‘संवेदनहीनता’ के लिये उसकी आलोचना कर रहे हैं. ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा- क्या केईएम अस्पताल ने मृतकों की पहचान एवं उनकी संख्या गिनने के लिये उनके शरीर पर नंबर लिख दिए हैं? कितना भयावह है! कोई सम्मान नहीं! एक अन्य ट्विटर पोस्ट में लिखा है, भगदड़ दुखद है! लेकिन मृतकों को लेकर अधिकारियों का बर्ताव उससे कहीं अधिक दुखद है! अस्पताल ने कहा कि मृतकों की पहचान के लिये उनके परिजनों को सभी 22 शवों को दिखाना उनके लिए बहुत बड़ा मानसिक आघात होता. केईएम अस्पताल के फॉरेंसिक साइंस विभाग के प्रमुख डॉ. हरीश पाठक ने कहा, यह बेहद अराजक और आपाधापी वाला कार्य हो जाता.  बीती शाम उन्होंने एक बयान जारी कर अस्पताल के फैसले का बचाव किया था.

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बयान के अनुसार, हमने सभी शवों पर संख्या अंकित कर उनकी तस्वीरें उनके परिजनों को दिखाने के लिये लैपटॉप स्क्रीन पर उन्हें प्रदर्शित कर दिया और फिर इसे बोर्ड पर लगा दिया.  इसके अनुसार, पोस्टमॉर्टम के बाद संख्या मिटा दी गई.
उन्होंने कहा कि मृतकों की  सही तरीके से पहचान सुनिश्चित करने के लिये अस्पताल द्वारा अपनाये गये इस वैज्ञानिक तरीके की आलोचना करना अनुचित और मूर्खता होगी.

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VIDEO : लोग मना रहे थे दशहरे का उत्सव, तभी भरभराकर गिरा इमारत का हिस्सा

निजामाबाद में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है.
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बीएसएफ की पाक रेंजर्स को चेतावनी, उकसावे की कार्रवाई का ठोस जवाब मिलेगा

 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तानी रेंजर्स के वरिष्ठ कमांडरों ने सीमापार से गोलीबारी की घटनाओं की पृष्ठभूमि में शुक्रवार (29 सितंबर) बैठक की और इस दौरान बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स से कहा कि पड़ोसी देश के बलों की कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई का बराबरी से तथा अधिक मजबूत कदमों के साथ जवाब दिया जाएगा. बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने यहां कहा कि बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के सेक्टर कमांडरों ने करीब सात महीने के अंतराल के बाद फ्लैग मीटिंग की.


भाषा | अंतिम अपडेट: Sep 30, 2017, 12:28 AM IST

बीएसएफ की पाक रेंजर्स को चेतावनी, उकसावे की कार्रवाई का ठोस जवाब मिलेगा

बीएसएफ के प्रतिनिधिमंडल में 17 अधिकारी थे जिसका नेतृत्व जम्मू सेक्टर में बीएसएफ के डीआईजी पी एस धीमान ने किया. (फाइल फोटो)

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राजनाथ सिंह ने कहा, चीन के साथ सीमा विवाद को बातचीत से सुलझा सकते हैं

माना पोस्ट (भारत-चीन सीमा): केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (29 सितंबर) को कहा कि चीन-भारत सीमा विवाद ‘‘ढांचागत संवाद’’ और सकारात्मक दृष्टिकोण से सुलझाया जा सकता है. सिंह ने यह टिप्पणी उत्तराखंड में एक अग्रिम चौकी का दौरा करने के दौरान की जहां वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से मिले. सिक्किम के डोकलाम क्षेत्र में हालिया गतिरोध के सुलझने के बाद चीन सीमा का किसी वरिष्ठ मंत्री का यह पहला दौरा है. राजनाथ ने कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा को लेकर लंबे समय से ‘‘अवधाराणागत मतभेद’’ रहा है और उन्हें विश्वास है कि समय के साथ यह मुद्दा ‘‘सुलझ’’ जाएगा.

गृहमंत्री ने 14,311 फुट की ऊंचाई पर स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) चौकी में कहा कि चीन के साथ हमारा ढांचागत संवाद होने पर मुद्दे का समाधान होगा. हमें सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है. राजनाथ ने कहा कि इसी तरह डोकलाम विवाद का समाधान बिना किसी टकराव के निकल गया. आईटीबीपी की माना पोस्ट उत्तराखंड के चमोली जिले में अर्द्धसैनिक बल के अंतिम बटालियन केंद्र के रूप में स्थित है. आईटीबीपी भारत और चीन के बीच वास्तिवक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर देश की सीमाओं की हिफाजत करती है.

सीमावर्ती चौकी में सैनिक सम्मेलन के दौरान जवानों के साथ संवाद में राजनाथ ने यह घोषणा भी की कि आईटीबीपी के जवानों को सर्दियों के लिए तथा अत्यधिक ठंडे मौसम का सामना करने के लिए हल्के वजन के कपड़े उपलब्ध कराए जाएंगे जो आम तौर पर नौ हजार फुट की ऊंचाई पर तैनात रहते हैं. उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि बेहतर पदोन्नति लाभ, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कैंटीनों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने और ढांचागत सुधार सहित अन्य सुविधा मुद्दों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा.

मंत्री ने इस बारे में चिंता जताई कि बल में कई पदोन्नतियों को प्रभाव में नहीं लाया जाता है. उन्होंने आईटीबीपी के महानिदेशक आरके प्रचंड से इस संबंध में अधिक कदम उठाने को कहा. बल ने हाल में विभिन्न रैंकों पर करीब 1,600 कर्मियों को पदोन्नत किया है.

राजनाथ ने जवानों से कहा, ‘‘हम अपने जवानों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं…हमने हाल में सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में (कांस्टेबलरी में) लगभग 36,000 जवानों को पदोन्नत किया है, जिनमें 3,500 आईटीबीपी से हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये चीजें जारी रहेंगी…हम निश्चित तौर पर आपके मुद्दों को देखेंगे.’’

गृहमंत्री ने आईटीबीपी के कर्मियों की प्रशंसा की और उन्हें ‘‘बहु आयामी’’ कहा क्योंकि वे देश के आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में विभिन्न तरह के दायित्व निभाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमें आप पर गर्व है.’’ आईटीबीपी में 90,000 कर्मी हैं जिन पर जम्मू कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक पांच राज्यों में फैली 3,488 किलोमीटर भारत-चीन सीमा की रखवाली का दायित्व है.

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मुंबई हादसा: वीरेंद्र सहवाग ने जताया घटना पर शोक, सिस्टम पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर भगदड़ मचने से 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग घायल हुए. हादसा सुबह करीब 10.30 बजे हुआ. मुंबई में 10.20 बजे बारिश शुरू हुई, जिसके बाद बारिश से बचने के लिए फुटओवर ब्रिज पर लोगों की भीड़ जुटने लगी. इसी बीच फुटओवर ब्रिज टूटने की अफवाह फैल गई. इसके बाद लोगों के बीच भगदड़ मच गई. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई. घायलों को नजदीकी केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पूर्व क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है. सहवाग ने एक के बाद कई ट्विटर कर घटना पर दुख जताते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. वीरू ने लिखा कि आखिर सिस्टम एक के बाद दुर्घटनाओं से सबक क्यों नहीं लेता?

सहवाग ने अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘दुर्भाग्य से मानव जीवन सबसे सस्ती चीज हो गई है. दिल को झकझोर देने वाली घटना, जिसमें टैक्स चुकाने के बाद भी निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं.’

 

 

एक अन्य ट्वीट में सहवाग ने शोक व्यक्त करते हुए #Elphinstone के साथ लिखा, ‘भगदड़ में मारे गए निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना, जिन्होंने बिना किसी गलती के अपनी जान गंवा दी.’

 

 

बाद में सहवाग ने एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘सपनों के शहर में लोग बहुत जोखिम के साथ सफर करते हैं. किसी भी चीज से पहले, इस समय नागरिक सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है, जिसे लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है.’

क्रिक्रेटर रोहित शर्मा, वीवीएस लक्ष्मण और मोहम्मद कैफ ने ट्विटर पर हादसे को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया. दशहरा से एक दिन पहले हुई इस दुर्घटना के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने का मिली हैं. लोग रेल में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और बुलेट ट्रेन जैसी बड़ी परियोजनाओं पर सवाल उठा रहे हैं.

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