Monthly Archives: November 2017

टाटा समूह ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है : जयंत सिन्हा

 सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. एयर इंडिया पर 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है. 

टाटा समूह ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है : जयंत सिन्हा

सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. (फाइल फोटो)

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ओबामा आज दिल्ली में टॉउन हॉल को संबोधित करेंगे, पीएम मोदी से हो सकती है मुलाकात

ओबामा आज दिल्ली में टॉउन हॉल को संबोधित करेंगे, पीएम मोदी से हो सकती है मुलाकात
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जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आतंकवादी ढेर

कश्मीर के बडगाम और बारामूला जिलों में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आतंकवादी मारे गए

जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आतंकवादी ढेर

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बारामूला जिले में सोपोर इलाके के बोमई में एक अन्य मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया.(प्रतीकात्मक फोटो)

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सोमनाथ विवाद के बाद कांग्रेस का दावा, ‘असली’ हिंदू नहीं हैं पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: राहुल गांधी से जुड़े सोमनाथ मंदिर विवाद के ठीक एक दिन बाद कांग्रेस ने एक वरिष्ठ नेता ने गुरुवार (30 नवंबर) को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘असली’ हिन्दू नहीं हैं. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने दावा किया, हिन्दूवाद का हिन्दुत्व से कोई लेना-देना नहीं है और मोदी ने बाद में दोनों को मिला दिया. उन्होंने पूछा कि पीएम मोदी कितनी बार मंदिर गए हैं? इसके साथ ही सिब्बल ने कहा कि वह (पीएम मोदी) असली हिंदू नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के बीते 29 नवंबर को सोमनाथ मंदिर के दौरे से विवाद खड़ा हो गया जहां उनका नाम गैर-हिंदुओं के लिए रखी गयी प्रवेश पंजी पर लिखा मिला, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे फर्जी करार दिया, वहीं भाजपा ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष को जनता के सामने अपनी धार्मिक आस्था का खुलासा करना चाहिए.

कांग्रेस ने भाजपा पर अपने उपाध्यक्ष के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल ने खुद को ‘शिव-भक्त’ कहा था और वह जनेऊधारी हिंदू हैं. हालांकि भाजपा ने साजिश के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि राहुल गांधी के जिस सहयोगी ने रजिस्टर पर दस्तखत किये थे वह कांग्रेस से जुड़े हैं.

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मंदिर प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि राहुल के मीडिया समन्वयक ने उनका नाम मंदिर में गैर-हिंदुओं के लिए रखे गये रजिस्टर में लिखा और पूरे मामले से मंदिर के किसी कर्मचारी का कोई लेनादेना नहीं है. इस मंदिर में गैर-हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति है, लेकिन उन्हें पहले मंदिर के कार्यालय में अपना नाम दर्ज कराना होता है. राहुल ने बीते 29 नवंबर को सोमनाथ मंदिर में दर्शन करके गुजरात में चुनाव प्रचार के अपने दो दिन के दौरे की शुरुआत की थी. भगवान शिव का यह मंदिर अहमदाबाद से करीब 400 किलोमीटर दूर है.

मंदिर में गैर-हिंदुओं के लिए रखे गये रजिस्टर के उस कथित पन्ने की फोटोकॉपी राहुल के मंदिर दर्शन के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी जिस पर राहुल और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अहमद पटेल के नाम लिखे थे. उनके नाम के आगे कांग्रेस के मीडिया समन्वयक मनोज त्यागी के हस्ताक्षर थे.

(इनपुट एजेंसी से भी)

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हिमाचल चुनाव : ठियोग सीट- दीपक राठौड़ vs राकेश वर्मा

ठियोग सीट पर कांग्रेस ने दीपक राठौड़ को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने अपने पुराने साथी राकेश वर्मा पर भरोसा जताया है.

हिमाचल चुनाव : ठियोग सीट- दीपक राठौड़ vs राकेश वर्मा

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: ठियोग सीट पर कांग्रेस के दीपक राठौड़ और भाजपा के राकेश वर्मा आमने-सामने हैं…

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'पद्मावती विवाद': निर्देशक संजय लीला भंसाली आज संसदीय समिति के समक्ष होंगे पेश

समिति ने सूचना प्रसारण मंत्रालय एवं सेंसर बोर्ड के अधिकारियों को भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिये बुलाया है. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि भंसाली ने अभी उपस्थित होने की पुष्टि नहीं की है.
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जनवरी में फोटोशूट के दौरान, रजनीकांत कर सकते है पार्टी का ऐलान

 ये बात गायकवाड़ ने रजनीकांत के प्रशंसक क्लब के धरमपुरी जिला के सचिव के यहां कही.

जनवरी में फोटोशूट के दौरान, रजनीकांत कर सकते है पार्टी का ऐलान

सभी को अनुमान था कि वह अपने जन्मदिन पर ये घोषणा कर सकते है.(फाइल फोटो)

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ZEE जानकारी: क्या Creative Freedom के नाम पर देश के सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने की इजाज़त दी जा सकती है?

DNA में अब हम अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर हो रहे एक फिल्मी खेल का विश्लेषण करेंगे. आजकल एक फिल्म के नाम की मोमबत्तियां जलाकर.. Freedom of Expression की रक्षा की कसमें खाई जा रही हैं. इस फिल्म का नाम है S Durga. पिछले कुछ दिनों से इस फिल्म की रिलीज़ को लेकर बहुत विवाद हो रहा है. शायद आपने भी International Film Festival of India के संदर्भ में इस फिल्म का नाम पढ़ा और सुना होगा. लेकिन अब तक आपको इस विवाद के असली कारणों के बारे में पता नहीं होगा. 

इस फिल्म को लेकर कई तरह की ख़बरें छापी जा रही हैं.. इस फिल्म के पक्ष में बाकायदा एजेंडा चलाकर ये कहा जा रहा है कि इस फिल्म का Content …Artistic और सामाजिक है.. और इसीलिए इसे फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाना चाहिए.  इस फिल्म पर लगी रोक को.. कई लोग अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए ख़तरा मान रहे हैं. लेकिन ऐसे लोगों ने खुद ये फिल्म नहीं देखी है. मैं आपसे ये बात शेयर करना चाहता हूं कि मैंने आधिकारिक रूप से ये फिल्म देखी है.. क्योंकि मैं 11 लोगों की उस ज्यूरी का हिस्सा था.. जिसे ये फिल्म दिखाई गई. और मैं आपको फिल्म सेक्सी दुर्गा का पूरा सच बताना चाहता हूं.

सवाल ये है कि क्या Creative Freedom के नाम पर देश के सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने की इजाज़त दी जा सकती है? हालत ये है कि आजकल बुद्धिजीवियों का गिरोह…दर्शकों के हिस्से की आज़ादी पर अतिक्रमण करके… फिल्म बनाने वालों के लिए अभिव्यक्ति की Unlimited आज़ादी मांगता है. और जब कोई इसका विरोध करता है.. तो उसका पक्ष कभी भी पूरी ईमानदारी के साथ देश के सामने नहीं रखा जाता. यही वजह है कि आज मैंने फैसला किया है कि मैं आपके लिए इस फिल्म का एक ईमानदार रिव्यू करूंगा. मैं आपको इस फिल्म के बारे में पूरी जानकारी दूंगा…  लेकिन उससे पहले इस विवादित फिल्म से जुड़े हुए कुछ Updates आपको पता होने चाहिएं.  

गोवा में चल रहा International Film Festival of India यानी IFFI मंगलवार को खत्म हो चुका है. लेकिन वहां आखिरी दिन भी S### Durga नाम की ये फिल्म नहीं दिखाई गई. इस Film Festival की Closing Ceremony के दो घंटे पहले ही ये तय किया गया कि ये फिल्म नहीं दिखाई जानी चाहिए. 

इस फिल्म के नाम पर विवाद था, क्योंकि पहले इसका नाम Sexy Durga था. लेकिन Central Board of Film Certification ने इस फिल्म का नाम Sexy Durga से बदलकर S. Durga रखने को कहा था. इसके बाद सोमवार को 11 सदस्यों की एक Jury ने ये फिल्म देखी . ये वही Jury है, जिसके तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था. जिनमें फिल्म निर्देशक Sujoy घोष भी शामिल थे.  इन लोगों ने इस फिल्म को…. फिल्म फेस्टिवल में न दिखाने के विरोध में इस्तीफा दिया था. 

इसके बाद इस Jury में 3 लोगों की नियुक्ति हुई, जिनमें मैं, सतीश कौशिक और विवेक अग्निहोत्री शामिल हैं. लंबी बहस के बाद इस Jury में शामिल 11 सदस्यों में से चार ने इस फिल्म की Screening का विरोध किया था. लेकिन 7 सदस्य इसे दिखाने के पक्ष में थे. फिल्म का विरोध करने वालों में मैं, फिल्म एक्टर सतीश कौशिक, विवेक अग्निहोत्री और Jury के अध्यक्ष राहुल रवैल थे. केरल में CBFC ने इस फिल्म को U/A सर्टिफिकेट इसी शर्त पर दिया था, कि इसके Title में संशोधन किया जाएगा. 

लेकिन गोवा में जब Jury के सामने ये फिल्म प्रदर्शित की गई तो पता चला कि फिल्म का नाम S### Durga कर दिया गया है. यानी फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर ने बड़ी ही चालाकी से फिल्म का Title… S. Durga करने के बजाए S### Durga कर दिया. इससे नाम भी बदल गया और नाम का मतलब हर व्यक्ति को संकेतों में बता दिया गया. इसके बाद CBFC ने इस फिल्म के Title से हुई छेड़छाड़ पर आपत्ति जताई और इसके बाद ये तय किया गया कि इस फिल्म को फिल्म फेस्टिवल में नहीं दिखाया जाएगा. 

अब समस्या ये है कि इस फिल्म के निर्देशक और एक्टर Freedom of Expression के नाम पर खुद को पीड़ित बताने की कोशिश कर रहे हैं. इसे वो लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं. लेकिन असलियत में बात कुछ और है. ये फिल्म देश की सामाजिक संरचना पर बहुत ही चालाकी के साथ हमला करती है.

इस फिल्म को देखने के बाद मैं साफ तौर पर ये कह सकता हूं कि इस फिल्म का इसके Title से कोई रिश्ता नहीं है. इसीलिए ये समझ में नहीं आता कि निर्देशक ने इस फिल्म का नाम Sexy Durga क्यों रखा? शायद उसे पता था कि ऐसा करने से विवाद होगा और फिल्म को Publicity मिलेगी. फिल्म के नाम में SEXY.. शब्द के E..X…और Y को इस तरह से छुपाया गया है, जिससे हर कोई समझ जाएगा कि इसका नाम SEXY Durga ही है. जबकि सेंसर बोर्ड ने Title को बदलने के लिए कहा था. इससे फिल्म बनाने वालों के एजेंडे और नीयत का पता चलता है. इससे ये भी पता चलता है कि ये Film Makers भोले भाले नहीं हैं. उन्हें पता है कि उनकी Film को Publicity कैसे मिलेगी? 

ये फिल्म दुर्गा नाम की एक लड़की और कबीर नाम के एक लड़के पर आधारित है. ये दोनों दो अलग अलग समुदाय के हैं.. एक दूसरे से प्यार करते हैं… और घर से भागकर रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहे हैं. रास्तें में ये लोग एक वैन से लिफ्ट लेते हैं. और उस वैन में बैठे अपराधी किस्म के लोग.. दुर्गा के साथ बदतमीज़ी करते हैं. फिल्म में ये दिखाया गया है कि कैसे रात में एक सुनसान सड़क पर एक लड़की लगातार एक ख़ास तरह के Trauma से गुज़र रही है. और इसी बीच शहर में देवी दुर्गा की आराधना करने वालों का जुलूस निकल रहा है.

अब सवाल ये है कि अगर निर्देशक किसी लड़की को Sexual Harrasment की पीड़ित..के रूप में दिखाना चाहता है, तो फिर उस लड़की को Sexy कैसे कहा जा सकता है? मुझे लगता है कि ऐसा करके Director इस पूरे मुद्दे की हत्या कर रहा है. 

फिल्म में एक पुरुष प्रधान समाज में एक लड़की की परेशानी को दिखाया गया है… लेकिन इस परेशानी और फिल्म के Title के बीच कोई रिश्ता नहीं है. निर्देशक ने फिल्म के टाइटल Creativity के नाम पर Liberty लेने की कोशिश की गई है. फिल्म की Production Quality अच्छी नहीं है. Camera Work अच्छा नहीं है.

इस फिल्म के Title का ज़बरदस्त तरीके से दुरुपयोग हुआ है. पूरी फिल्म एक सड़क है, इसलिए हमें लगता है, इसका नाम S Durga के बजाए Highway भी हो सकता था. लेकिन तब इस फिल्म को लेकर कोई Controversy नहीं होती.. और उसे इतनी पब्लिसिटी भी नहीं मिलती. फिल्म के Characters का नाम दुर्गा और कबीर के बजाए असलम और आयशा या रमेश और सोनम होता, तो भी इस फिल्म पर शायद इतना विवाद नहीं होता. लेकिन फिल्म बनाने वालों ने Artistic Cinema के नाम पर मिली आज़ादी का खूब फायदा उठाया. और सस्ते हथकंडे अपनाकर इसे चर्चा का विषय बना ही दिया.

हमें लगता है कि ये फिल्म 5 मिनट से लेकर आधे घंटे तक की एक Short Film भी हो सकती थी. जिसे You-Tube के लिए बनाया जा सकता था. लेकिन तब शायद इस पर नेतागीरी नहीं हो पाती. इस फिल्म का Director पूरी तरह से नेता के अवतार में आ चुका है. इस फिल्म का प्रदर्शन रोके जाने पर इसका डायरेक्टर अदालत चला गया. और इसे एक राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया. 

अब इस फिल्म के डायरेक्टर सनल ससिधरन इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं. डायरेक्टर का ये भी कहना है कि अभी तो सिर्फ फिल्म की आवाज़ बंद की जा रही है, लेकिन बहुत जल्द आम लोगों की आवाज़ भी बंद कर दी जाएगी. ये एक फिल्म डायरेक्टर की नहीं.. बल्कि किसी मंझे हुए नेता की भाषा है.  इसके बाद से Freedom of Expression और Freedom of Creativity के नाम पर बहस शुरू हो गई. लेकिन हमें लगता है कि Film Maker के साथ साथ दर्शकों को भी अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार है. 

सिनेमा के वर्तमान में क्या हो रहा है, ये तो मैंने आपको बता दिया, लेकिन सिनेमा के भविष्य के बारे में आपको डॉक्टर सुभाष चंद्रा बताएंगे. हैदराबाद में चल रहे Global Entrepreneurship Summit का आज दूसरा दिन था. और आज इसमें सिनेमा के भविष्य, महत्व और बदलाव पर हुए एक Session को राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने Moderate किया. उनके साथ इस Session में  Nigerian actress…Stephanie Linus, भारतीय अभिनेत्री अदिति राव हैदरी और फिल्म प्रोड्यूसर Ronnie Screwwala भी शामिल थे. इस Session में इस बात पर चर्चा हुई की भारत की फिल्म इंडस्ट्री इतनी बड़ी होने के बावजूद Global क्यों नहीं बन पाई? डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने कहा कि Zee Group हिंदी Film Industry को 2025 तक Global बनाने की कोशिश कर रहा है. 

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DDA आवास योजना 2017 का ड्रॉ आज निकलेगा

डीडीए की नई आवास योजना के लिये ड्रॉ आज यानी गुरुवार को निकाला जाएगा, इसके लिये डीडीए को 46000 से अधिक आवेदन मिले हैं.  

DDA आवास योजना 2017 का ड्रॉ आज निकलेगा

प्रतीकात्मक फोटो

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मैं नहीं समझती कि लोगों ने 15 लाख रुपये के लिए पीएम मोदी को वोट दिया : किरण खेर

किरण खेर ने  कहा, ‘‘ उन्होंने स्वच्छ, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी और आप अब भी 15 लाख रुपये की सोच पर अटके हैं.’’

मैं नहीं समझती कि लोगों ने 15 लाख रुपये के लिए पीएम मोदी को वोट दिया : किरण खेर

किरण ने कहा कि लोगों ने नरेंद्र मोदी को इसलिए वोट दिया क्योंकि पिछली संप्रग की सरकार कई घोटालों में लिप्त थी. (फाइल फोटो – साभार (india.com))

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