Monthly Archives: January 2018

एक पुरानी परंपरा के नाम पर कड़ाके की ठंड में गर्म लोहे से दागे जाते हैं यहां के मासूम बच्चे

जमशेदपुर: जमशेदपुर के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में परंपरा और संस्कृति के नाम पर गर्म लोहे से बच्चों को दागा जाता है. यह परंपरा सदियों से आदिवासी समाज में चली आ रही है. कड़ाके के ठण्ड में एक महीने के बच्चे से लेकर 15 साल तक के बच्चों को दागा जा रहा है और प्रशाशन इसको रोकने मे आज तक नाकाम है. जिला पुलिस का कहना है कि अगर शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी. यह इनकी परंपरा है इसको तुरंत रोक पाना मुश्किल है. बताया जा रहा है कि यह परंपरा इनके पुरखों के जमाने से चली आ रही है. आदिवासी लोग इस परंपरा को कायम रखते हुए बच्चे को आज भी गर्म लोहे से दागते हैं. इसी वजह से जमशेदपुर और उसके आस-पास के आदिवासी लोगों को आज के दिन का पूरे एक साल से इंतजार रहता है. इन लोगों की मान्यता है कि मकर संक्रांति के दूसरे दिन बच्चों के पेट में दाग लगाने से उसको कभी पेट से जुड़ी बीमारी नहीं होती है.

मान्यता है कि इसके बाद नहीं होगा पेट का रोग
आपको बता दें कि जमशेदपुर में इन दिनों कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है लेकिन आदिवासी समुदाय के लोगों को आज भी अपनी परंपरा को जिन्दा रखने के लिए मकर संक्रांति सुबह-सुबह उठकर अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर चिड़ी दाग लगवाने पहुंच जाते हैं. मान्यता है कि गांव के बच्चे हों या बुजुर्ग जिनको पेट या कमर में कहीं भी दर्द हो तो उनको गर्म लोहा से दाग दिया जाए तो दर्द ठीक हो जाता है. इन लोगों की मान्यता है कि जिनको भी पेट से संबंधित कोई बीमारी होती है वो लोग सुबह-सुबह सूर्य निकलने के साथ ही एक जगह पर जमा हो जाते हैं और पेट में दाग लगवाते हैं.

“बच्चे को कभी पेट की बीमारी नहीं होगी”
जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिला के अनुसार उनके बच्चों को भी पेट का दर्द था उन्होंने गुरू बाबा के अनुसार 4 दाग दिया और बच्चों का दर्द ठीक हो गया था. वहीं एक महिला को पीठ में दर्द था उसने भी दाग करवाया जिसके बाद उसको भी दर्द से मुक्ति मिल गई. इन लोगों का कहना है कि ये हमारी पुरानी परंपरा है इसलिए साल में एक दिन हम इसको करते हैं. एक स्थानीय आदिवासी महिला जसमीत ने जी न्यूज से बातचीत के दौरान कहा, “पेट का नश मोटा हो जाता है जिससे बच्चों को तकलीफ होती है. इसलिए अगर इसको दाग लगा दिया जाए तो बच्चे को कभी पेट की बीमारी नहीं होगी.” 

ऐसे निभाई जाती है ये परंपरा
इस परंपरा को करने के लिए आदिवासी महिलाएं लोग सुबह-सुबह ‘गोइठा’ (उपले) को सुलगाकर लोहे का एक सींक उसमें डाला जाता है. लोहे को गोइठा में गर्म किया जाता है. जब लोहा गर्म हो जाता है तो बच्चों को पकड़ कर फिर उसके पेट में नाभि के बगल में सरसों का तेल लगाया जाता है और फिर गर्म लोहे से उसमें चार बार दागा जाता है. ये काम गांव के ही एक किसी जानकार व्यक्ति के द्वारा किया जाता है, जो इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी करते आ रहे हैं. चार जगह पर दाग के बाद लोगों की मान्यता है कि पूरा साल इसको अब कभी भी पेट की कोई बीमारी नहीं होगी.

परंपरा के नाम पर बच्चों पर अत्याचार?
इस दाग के समय चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ बच्चों का रोना ही सुनाई देता है. बच्चों को उसके मां-बाप खुद ले कर आते हैं और दाग लगवाते हैं. परंपरा के नाम पर बच्चों पर अत्याचार की बात कहने पर इन लोगों का कहना है कि- ये हमारी परंपरा है जो पुरखों के जमाने से चली आ रही है. इसलिए हम लोग भी करते हैं. इसमें दाग के कारण कोई सेप्टिक या कोई अन्य बीमारी नहीं होती है.

अब सवाल ये उठता है कि किसी समुदाय द्वारा परंपरा के नाम पर इस तरह बच्चों पर अत्याचार किया जाना क्या सही है? क्या यह बच्चों के बचपन के साथ खिलवाड़ नहीं है?

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#ArmyDay पर भारत की बड़ी कामयाबी, 7 PAK सैनिकों और 6 फिदायीन आतंकियों को मार गिराया

नई दिल्लीः सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन किए जाने पर उसके 7 जवानों को मार गिराया है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान द्वारा बिना उकसावे के की फायरिंग के बाद यह कार्रवाई की है. जम्मू कश्मीर में एलओसी से सटे पाक अधिकृत कश्मीर के कोटली सेक्टर में भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही फायरिंग का जवाब दिया और उसके सात सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया. 

शुरुआत में यहां पाकिस्तान के चार जवानों के मारे जाने की खबर थी जिसमें तीन जवान घायल बताए जा रहे थे. लेकिन थोड़ी देर बाद खबर आई कि इस कार्रवाई में तीन अन्य जवान भी मारे गए हैं. हालांकि अभी चार के मारे जाने की की पुष्टि हुई है. पाकिस्तान की सेना ने चार सैनिकों के मारे जाने की बात कही है. 

यह भी पढ़ेंः उरी में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, घुसपैठ की कोशिश कर रहे 6 आतंकी ढेर

आपको बता दें कि भारतीय सेना आज अपना 70वां आर्मी दिवस मना रही है.आर्मी डे पर नई दिल्ली में परेड का आयोजन किया गया. सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने इस दौरान परेड की सलामी ली.  परेड के बाद आर्मी चीफ ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि हम पाक के भेजे आतंकी खत्म करते रहेंगे और उसे मुंहतोड़ जवाब देते रहेंगे. इसके बाद सेना के 15 वीर जवानों को मेडल दिए गए, जिनमें से पांच मेडल शहीद जवानों के परिवार को सौंपे गए. इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी सेना को बधाई दी. 

पाकिस्तान को लेकर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कही ये बड़ी बातें

  • पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते रहेंगे.
  • पाकिस्तान के भेजे आतंकी खत्म करते रहेंगे.
  • पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता रहता है.
  • पाकिस्तान राष्ट्रीय एकता पर प्रहार कर रहा है.
  • पाकिस्तान की सेना घुसपैठियों की मदद करती है.
  • हमें मजबूर किया तो हम और मजबूत कार्रवाई करेंगे.
  • सेना हर चुनौती को तैयार, डटकर करेंगे मुकाबला.
  • दुश्मनों के खिलाफ हम कड़ी कार्रवाई करते रहेंगे.
  • सेना को सफल बनाने के लिए एकजुट होना होगा.
  • कश्मीर में शांति बहाली की कोशिश करते रहेंगे.
  • हमें मिलकर सफलता के लिए प्रयास करना होगा.

उरी में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 6 आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सुरक्षाबलों ने आतंकी घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए 6 फिदायीन आतंकियों को ढेर कर दिया है. मारे गए आतंकी जैश ए मोहम्मद के बताए जा रहे हैं और उस ऑपरेशन को भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस की साझा टीम ने अंजाम दिया. आतंकियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षबलों की यह कार्रवाई उरी के दुलंजा में हुई. यहां अंधेरे का फायदा उठाकर जैश के आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की. जिसका पता चलते ही भारतीय सुरक्षा बलों ने इन आतंकियों को घेर लिया. खुद को फंसा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी.

यह भी पढ़ेंः #ArmyDay पर सेना प्रमुख बिपिन रावत बोले- हम पाकिस्तान के भेजे आतंकी खत्म करते रहेंगे

जवाब में जब भारतीय सुरक्षाबलों ने फायरिंग की तो तीन आंतकियों को मौके पर ही मार गिराया गया. जबकि एक आतंकी भागने में कामयाब रहा. इसके बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और चौथे आतंकी को भी मार गिराया. चार आतंकियों को मार गिराने के भी सुरक्षाबलों को अंदेशा था यहां और आतंकी छिपे हो सकते है. इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन जारी था. चारों आतंकियों के ढेर करने के बाद दो और आतंकी को यहां मार गिराया गया है.

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राष्ट्रपति भवन में इजरायली PM नेतन्याहू का हुआ भव्य स्वागत, दिया गया गॉर्ड ऑफ ऑनर| Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu receives ceremonial reception at Rashtrapati Bhawan in Delhi

राष्ट्रपति भवन में बेंजामिन नेतन्याहू का भव्य स्वागत किया गया. राष्ट्रपति भवन में उन्हें गॉरड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया.

ज़ी न्यूज़ डेस्क
ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Jan 15, 2018, 10:27 AM IST

LIVE: राष्ट्रपति भवन में इजरायली PM नेतन्याहू का हुआ भव्य स्वागत, दिया गया गॉर्ड ऑफ ऑनर

राष्ट्रपति भवन में कैबिनेट मंत्रियों से मिलते इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू

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इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मिलीं सुषमा स्वराज, रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज रविवार (14 जनवरी) को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलीं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के मकसद से भारत-इस्राइल संबंधों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की. नेतन्याहू के मीडिया सलाहकार के एक बयान के अनुसार इजरायली प्रधानमंत्री ने सुषमा से कहा कि केवल सरकार एवं नेताओं के स्तर पर होने वाली बैठकों में ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भी संबंधों को बेहतर करने के लिए काफी उत्साह है. बयान के मुताबिक नेतन्याहू ने विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान कहा, ‘‘हम एक ऐतिहासिक दौरे पर भारत आए हैं. इजरायल के लिए यह काफी महत्व रखता है कि एक बड़ी शक्ति (भारत) उसके साथ कई क्षेत्रों – अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा एवं कृषि – में करीबी संबंध विकसित करना चाहती है.’’

दोनों नेताओं ने आतकंवाद से मुकाबले में भारत और इस्राइल द्वारा किए गए काम पर भी चर्चा की. सुषमा ने नेतन्याहू से कहा कि भारत उनकी अगवानी करने को लेकर काफी उत्साहित है. उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘‘गर्मजोशी भरी एवं विशेष’’ दोस्ती पर जोर दिया.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलीं. हमारी रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के मकसद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर गर्मजोशी से भरी बातचीत हुई.’’ नेतन्याहू भारत के छह दिन के दौरे पर रविवार (14 जनवरी) को यहां पहुंचे. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे जिन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए यहां हवाइअड्डे पर उनकी अगवानी की.

मोदी ने नेतन्याहू के लिए रात्रिभोज की मेजबानी की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (14 जनवरी) रात यहां अपने सात, लोककल्याण मार्ग आवास पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा के लिए निजी रात्रिभोज की मेजबानी की. मोदी ने ट्वीट किया, ‘श्रीमती नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नेतन्याहू का सात, लोककल्याण मार्ग पर स्वागत करते हुए आनंदित हूं.’ 

इससे पहले दिन में, मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर हवाईअड्डे पर नेतन्याहू की अगवानी की. उन्होंने नेतन्याहू के आगमन पर गले मिलकर उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं ने तीन मूर्ति चौक का नाम इजरायल के शहर हैफा के नाम पर तीन मूर्ति हैफा चौक किये जाने के समारोह में भी शिरकत की. मोदी और नेतन्याहू के बीच गर्मजोशी भरा संबंध माना जाता है.

(इनपुट एजेंसी से भी)

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गुजरात के आदिवासी कल्याण मंत्री गणपत वसावा के काफिले पर पथराव

गुजरात के आदिवासी कल्याण मंत्री गणपत वसावा को रविवार को नर्मदा जिले के राजपीपला शहर में कुछ आदिवासी लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क
ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Jan 15, 2018, 12:35 AM IST

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महबूबा ने पाकिस्तान को याद दिलाया उसका वादा, जम्मू कश्मीर में खूनखराबा रोकने में मांगी मदद

रियासी: जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार (14 जनवरी) को पाकिस्तान को उसके पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सीमा पर शांति बनाये रखने के बारे में किये गये वादे की याद दिलायी और राज्य में रक्तपात समाप्त करने में उसकी मदद मांगी. महबूबा ने साथ ही भारत से यह कहते हुए पाकिस्तान के साथ टकराव छोड़ने की अपील की कि वे राज्य के लोग हैं जो दोनों देशों के बीच शत्रुता के कारण प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने यहां तलवारा स्थित सहायक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में 911 पुलिस रंगरूटों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें पाकिस्तान के साथ सुलह प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी और आपकी (भारत) जम्मू कश्मीर की प्रक्रिया में एक बड़ी भूमिका है.’’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना राज्य में रक्तपात रोकने में सहयोग के लिए मित्रता का हाथ बढ़ाएगी.

महबूबा ने सवाल किया टकराव का कारण क्या है
उन्होंने कहा, ‘मुशर्रफ ने वाजपेयी से सीमा पर शांति बनाये रखने, आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने और पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देने के बारे में वादा किया था.’ उन्होंने कहा, ‘हम आतंकवादियों की घुसपैठ पूरी तरह से नहीं रोक पाये हैं. यदि हम 200 आतंकवादियों को मार देते हैं, 200 अन्य आ जाते हैं. आईईडी और आत्मघाती हमले हमारे दुख को बढ़ा देते हैं.’ मुख्यमंत्री महबूबा ने सवाल किया टकराव का कारण क्या है. उन्होंने दोनों ओर से आने वाले भड़काऊ बयानों पर अप्रसन्नता जतायी. उन्होंने कहा, ‘ईंट का जवाब पत्थर से देंगे…जब भी कोई गोली चलती है, किसी की जान जाती है.’

पाकिस्तान पर और दबाब बनाने की जरूरत, जम्मू-कश्मीर में अमन के लिए नई रणनीति की दरकार: जनरल बिपिन रावत

वहीं दूसरी ओर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने जम्मू कश्मीर में स्थिति से निपटने के लिए ‘राजनीतिक-सैन्य’ रुख की वकालत करते हुए राज्य में राजनीतिक पहल और सैन्य अभियान साथ-साथ चलाने का रविवार (14 जनवरी) को आह्वान किया. आतंकवाद से निपटने में कड़ा रुख अपनाने वाले सेना प्रमुख रावत ने कहा कि राज्य में काम कर रहे सशस्त्र बल ‘यथास्थितिवादी’ नहीं हो सकते और उन्हें स्थिति से निपटने के लिए नयी रणनीतियां बनानी होंगी. सेना प्रमुख ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘राजनीतिक पहल और अन्य सभी पहलें साथ-साथ चलनी चाहिए और यदि हम सभी तालमेल के साथ काम करें तभी कश्मीर में स्थायी शांति ला सकते हैं. हमें एक राजनीतिक-सैन्य रुख अपनाना होगा.’ 

रावत ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान पर इस बात के लिए दबाव बनाने की गुंजाइश है कि वह सीमापार से आतंकवादी गतिविधियां रोके. उनका स्पष्ट संकेत था कि सेना आतंकवाद से कड़ाई से निपटने की अपनी नीति जारी रखेगी. गत अक्तूबर में सरकार ने गुप्तचर ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्चर शर्मा को जम्मू कश्मीर में सभी पक्षों के साथ ‘सतत वार्ता’ के लिए अपना विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया था. सेना प्रमुख ने कहा, ‘सरकार ने जब वार्ताकार नियुक्त किया तो वह उसी उद्देश्य से था. कश्मीर के लोगों से संवाद कायम करने और उनकी शिकायतों का पता लगाने के लिये वे सरकार के प्रतिनिधि हैं ताकि उनका राजनीतिक स्तर पर समाधान हो सके.’

(इनपुट एजेंसी से भी)

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VIDEO: मथुरा में मकर संक्रांति पर चढ़ावे को लेकर पंडों में चली जमकर लाठियां

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा.
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‘30 शेड्स आफ बेला’, फेसबुक पर फेमस होता एक उपन्यास

नई दिल्ली: नित नूतन प्रयोगों के लिए मशहूर इंटरनेट जगत में ‘30 शेड्स आफ बेला ’ के रूप में एक नयी पहल सामने आयी है जिसमें तीस विभिन्न लेखकों ने 30 दिन में एक कहानी प्लाट को अपनी विशिष्ट शैली और अनूठी कल्पनाशक्ति से एक उपन्यास का रूप दिया है. वरिष्ठ पत्रकार जयन्ती रंगनाथन के सम्पादन में आई यह पुस्तक दरअसल आभासी दुनिया में पहले उतरी और उसने ‘‘काग़जी पैरहन’’ बाद में पहना. इस कहानी को तीस विभिन्न लेखकों ने फेसबुक की पोस्ट के माध्यम से आगे बढ़ाया है.

हिन्दी साहित्य में दशकों पहले एक कृति आयी थी ‘बहती गंगा’ उपन्यास. शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’ के इस उपन्यास में काशी के 200 साल के इतिहास को अलग अलग कहानियों में पिरोया गया था. ये कहानियां अपने आप में स्वतंत्र होने के बावजूद आपस में किसी न किसी प्रकार से जुड़ी हैं और इसे एक उपन्यास का स्वरूप प्रदान करती हैं.

बनारस के आसपास घूमता प्लाट
दिलचस्प है कि ‘30 शेड्स आफ बेला’ की कहानी प्लाट भी बनारस के आसपास ही घूमता है. बनारस देश-विदेश के युवा-बुजुर्ग सहित सभी श्रेणी के पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र है. कहानी की शैली पर्यटक वाली रूचि के साथ शुरू होकर भावनात्मक एवं रहस्य-रोमांच के तमाम सीढ़ियों पर चढ़ते हुए पाठकों की उत्सुकुता को बनाये रखती है.

क्या आप भी नोटिफिकेशन से परेशान हैं? फेसबुक लाया नया फीचर

हिन्दी में अभी तक दो या तीन लेखकों द्वारा कोई उपन्यास लिखने के उदाहरण तो मिलते हैं. किन्तु एक साथ तीस लेखकों का एक ही कहानी को आगे बढ़ाने का यह बिल्कुल नवीन प्रयोग है.

अंग्रेजी में भी हुआ अनुवाद
पुस्तक पढ़ते समय लेखकों को कई बार कहानी में कुछ शिथिलता महसूस हो सकती है. लेकिन हमें यह बात भी याद रखना चाहिए कि मूल लेखन फेसबुक पोस्ट के रूप में हुआ है जिसकी अपने लाभ एवं सीमितताएं होती हैं. साथ मूल लेखन हिन्दी के साथ अंग्रेजी में भी हुआ है. अंग्रेजी लेखन का बाद में हिन्दी में अनुवाद हुआ.

ये APP चुराता था आपके फेसबुक, व्हॉट्सऐप से सीक्रेट मैसेज, फिर जो हुआ…

बेला एक पढ़ी-लिखी आधुनिक विचार वाली भारतीय लड़की है. उसके जीवन में घटनाचक्र कुछ इस तरह से घूमता है कि उसे अपने आसपास, अपने पति, माता-पिता तक पर सन्देह होने लगता है. लेखक बदलने के साथ साथ बेला की कहानी में नये नये मोड़ भी आते रहते हैं. वैसे यदि कुछ घटनाएं कम होती तो भी बेला के चरित्र को बखूबी संवारा जा सकता है. बहरहाल, यह तय है कि यदि आप इस पुस्तक के दो पृष्ठ भी पढ़ लेंगे तो आपके लिये फिर इसे अधूरा छोड़ना मुश्किल लगेगा.

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दिल्ली पहुंचे इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू, एयरपोर्ट पर खुद PM मोदी हैं मौजूद

नई दिल्लीः भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए आज (14 जनवरी) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर दिल्ली पहुंच गए हैं. नेतन्याहू का स्वागत करने के लिए खुद पीएम मोदी पालम हवाई अड्डे पर मौजूद हैं. नेतन्याहू के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, जल संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आंतरिक सुरक्षा समेत द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. 15 साल बाद यह पहला मौका है जब कोई इजरायली प्रधानमंत्री भारत दौरे पर आ रहे हैं. इससे पहले वर्ष 2003 में इजरायल के तत्कालीन पीएम ऐरल शेरॉन ने भारत का दौरा किया था. 

मोदी करेंगे एयरपोर्ट पर स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा के बाद पहली बार भारत आ रहे बेंजामिन के स्वागत के लिए खास तैयारी की गई हैं. खुद पीएम मोदी उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें एयरपोर्ट लेने जाएंगे. बेंजामिन की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डा. बी बाला भास्कर ने कहा कि उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 25वीं सालगिराह मना रहे हैं. 14 जनवरी को मोदी से मुलाकात के बाद बेंजामिन 15 जनवरी को राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात करेंगे.

यह भी पढ़ें:ईरान के परमाणु समझौते से बढ़ेगा आंतकवाद : इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू

गुजरात में करेंगे रोड शो
भारत यात्रा पर बेंजामिन गुजरात में पीएम मोदी और सीएम रूपाणी के साथ गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में रोड शो करेंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि 17 जनवरी को हवाई अड्डे से लेकर साबरमती आश्रम तक यह रोड शो हो सकता है. अहमदाबाद यात्रा के दौरान दोनों नेता दो सेंटर आफ एक्सीलेंस का दौरा करेंगे और ऐसे ही एक अन्य केंद्र का उद्घाटन करेंगे.

यह भी पढ़ें: इजरायल के साथ साझेदारी बढ़ाने को भारत उत्सुक : प्रणब

इन सुरक्षा करार पर लग सकती हैं मुहर
बेंजामिन के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 445 करोड़ रु. के जमीन से हवा में मार करने वाली 131 मिसाइलों समेत अन्य समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है. इसके साथ-साथ माना जा रहा है कि दोनों देश व्यापार एवं रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के लिए भी किसी करार पर हामी भर सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: PM मोदी का इजरायल दौरा: आतंकवाद, साइबर सिक्योरिटी और गंगा जैसे मुद्दों पर रहेगा फोकस

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार अब सरकार के स्तर पर इजरायल से मिसाइल खरीदने पर गौर कर रही हैं. सूत्रों का कहना है कि इजरायल से करार भी उसी तरीके से होगा जैसे कि फ्रांस से हुआ था. बता दें कि भारत ने फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने का सौदा किया हुआ है.

पीएम मोदी की इजरायल की यात्रा 
गौरतलब है कि गौरतलब है कि पिछले साल पीएम मोदी जुलाई के महीने में इजरायल यात्रा पर गए थे. दोनो देशों के बीच वर्ष 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद मोदी इजरायल जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री थे. मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान बेंजामिन ने उनका स्वागत हिंदी भाषा में किया था. बेंजामिन ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी से कहा था, ‘आपका स्वागत है मेरे दोस्त’.

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इजरायली PM के साथ यह मासूम भी आ रहा है भारत, मुंबई हमले में खोए थे माता-पिता

मोशे के दादा रब्बी शिमोन रोजनबर्ग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत दौरे के दौरान वह अपने परिजनों से जुड़ी हर एक चीज को जानना चाहता है.
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