कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए नया हथियार

Hindi News: कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए तीखी जेली से भरे हुए ग्रेनेड सुरक्षा बलों के हथियारों के जखीरे में शामिल किए जा सकते हैं। इस ग्रेनेड के फटने पर आंखों में जलन होती है । साथ ही पेलेट गन का इस्तेमाल जारी रहेगा। पेलेट गनों का इस्तेमाल तभी किया जाएगा जब कम जानलेवा हथियार पत्थरबाजों पर काबू पाने में नाकाम रहेंगे और बिल्कुल अंतिम तरीके के तौर पर फायरिंग का आदेश दिए जाने से पहले तक इसे इस्तेमाल किया जाएगा।

ऐसे ग्रेनेड इस्तेमाल करने का सुझाव केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में आया। यह बैठक उस वक्त बुलाई गई जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने पेलेट गन से नाबालिगों को हुए शारीरिक नुकसान पर चिंता जताई थी और केंद्र और राज्य सरकारों से कहा कि वे प्रदर्शनों से निपटने के लिए अन्य प्रभावी तरीकों पर विचार करें, क्योंकि यह ‘जिंदगी और मौत’ से जुड़ा मामला है।

सूत्रों ने बताया कि ओलोइयोरेसिन आधारित गोले तत्काल समाधान के तौर पर उभरकर आए और जरूरी परीक्षणों के बाद सुरक्षा बल इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की रक्षा प्रयोगशाला रक्षा अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान की ओर से इसका निर्माण किया जा रहा है।

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