ज़ी जानकारी: गोरखपुर के अस्पताल में ICU में उड़ाई जा रहीं हैं नियमों की धज़्जियां

अगर आप सच्चे मन से कोई काम करेंगे तो उसका नतीजा भी अच्छा ही होता है. और हमें खुशी है, कि आपके हित में जो खुलासा हमने कल किया था आज उसका एक बड़ा असर हुआ है.गोरखपुर में अपने निजी स्वार्थ को ऊपर रखकर Private Practice करने वाले Doctors से राज्य सरकार ने 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. इसके लिए आज सुबह क़रीब 10 बजे गोरखपुर प्रशासनिक मंडल के कमिश्नर ने Zee News से उस Sting Operation का Video Footage मांगा और शाम 4 बजे उन चारों Doctors से जवाब मांग लिया गया.

यानी आप समझ सकते हैं कि Zee News के Operation के बाद अब राज्य सरकार Action Mode में आ गई है. और ये सब इसलिए हुआ है, क्योंकि कल रात 9 बजे Sting Operation दिखाए जाने के बाद पूरे देश ने हमारा साथ दिया. गोरखपुर में रहने वाले कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने Sting Operation में पकड़े गए कुछ Doctors का नाम लेते हुए हमें ये लिखा…कि वो भी उन Doctors का शिकार बन चुके हैं.

लेकिन अब अनैतिक काम करने वाले ऐसे सभी Doctors को सावधान हो जाना चाहिए. क्योंकि, हमारी नज़र लगातार ऐसे लापरवाह डॉक्टरों पर बनी हुई है. अपने पेशे से समझौता करके भ्रष्ट कमाई करने वाले डॉक्टरों की दुकान अब ज़्यादा दिन तक चल नहीं पाएगी. इस दुनिया में जान से ज़्यादा कीमती कोई और चीज़ नहीं है . दुनिया का बड़े से बड़ा ख़ज़ाना लुटाकर भी हम किसी मरे हुए इंसान को ज़िंदा नहीं कर सकते. इस दुनिया में जितने भी वैज्ञानिक हैं अगर वो सब मिलकर भी दिमाग लगाएं तो भी किसी मरे हुए इंसान को जिंदा नहीं किया जा सकता.

ये सुनकर आपको एहसास हो रहा होगा कि किसी भी इंसान की जान, कितनी कीमती होती है ? लेकिन विडंबना ये है कि हमारे देश में किसी इंसान की जान की कोई कीमत नहीं है . इसका एक उदाहरण आपने जोधपुर से आई ख़बर में देख लिया.. और अब हम आपको इसका दूसरा उदाहरण दिखाएंगे.आज हम आपको कुशीनगर के ज़िला अस्पताल के ICU की तस्वीरें दिखाएंगे और वहां के हालात का वीडियो विश्लेषण करेंगे. लापरवाही की ये तस्वीरें देखकर आपको एहसास हो जाएगा कि हमारे देश का Medical System किस तरह काम करता है.

ICU का मतलब होता है Intensive Care Unit हिंदी में Intensive Care Unit का मतलब होता है गहन चिकित्सा केंद्र . ICU किसी अस्पताल का वो Special Department  होता है.. जहां किसी मरीज को बहुत नाज़ुक हालात में लाया जाता है. अगर कोई मरीज़ ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा हो.. तो उसे Advance Medical Support System के ज़रिए ज़िंदा रखने की कोशिश की जाती है और ये पूरी प्रक्रिया ICU में होती है.

लेकिन हमारे देश के बहुत सारे अस्पतालों में ICU की हालत ख़राब है . ख़ासतौर पर सरकारी अस्पतालों के ICU… किसी व्यस्त और भीड़-भाड़ वाले बाज़ार की तरह नज़र आते हैं. वहां मरीज़ों से ज़्यादा परिवारवाले दिखाई देते हैं . सबसे बड़ी शर्म की बात ये है कि डॉक्टर, अस्पताल के कर्मचारी और आम लोग ICU की Guidelines का पालन नहीं कर रहे हैं . हर अस्पताल में ICU की कुछ Guidelines होती हैं जिनका पालन करना ज़रूरी होता है.

ICU में सिर्फ़ वही डॉक्टर जा सकते हैं जिनकी वहां पर ड्यूटी लगी हो.ICU में जाने से पहले Doctors और Nurses को इस बात का ख़ास ध्यान रखना होता है वहां Infection नहीं फैले.ICU में जाने से पहले डॉक्टर और नर्स के लिए Shoe Cover पहनना जरूरी होता है. ICU में परिवार वालों को मरीज़ से मिलने के लिए एक निश्चित समय दिया जाता है. ICU में मरीज से दूरी बनाकर खड़े होने का निर्देश होता है ताकि Infection ना फैले,ICU के बाहर Hand sanitizer का इस्तेमाल करना भी ज़रूरी होता है. ताकि बाहर के कीटाणु ICU के अंदर ना जाएं.

लेकिन देश के बहुत सारे अस्पतालों में इन छोटी- छोटी Guidelines का पालन भी नहीं किया जा रहा है. हमने कुशीनगर के ज़िला अस्पताल और गोरखपुर के BRD Medical College की तस्वीरों के आधार पर एक वीडियो विश्लेषण तैयार किया है. इसे देखने के बाद आप ये समझ पाएंगे कि हमारे देश का Medical System खुद ICU में भर्ती है.. और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में लगातार बच्चों की मौत क्यों हो रही है?  जिन अस्पतालों को बच्चों का इलाज करना चाहिए… वो खुद बीमार हैं.. और अब तुरंत उनका इलाज करने की ज़रूरत है.

हमें खुशी है कि गोरखपुर और कुशीनगर में हमारे खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में Action लिया है… हमें उम्मीद है कि नियम तोड़ने वाले लापरवाह डॉक्टरों को उनके किए की सज़ा मिलेगी.ज़्यादातर सरकारें ऐसी ख़बरों के बाद Denial Mode में चली जाती हैं यानी वो सच्चाई को स्वीकार नहीं करतीं.. लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ऐसा नहीं किया.

गोरखपुर के सांसद के तौर पर योगी आदित्यनाथ ने कई बार लोकसभा में एनसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया था. अब वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं.. और उनके पास.. स्थितियों को सुधारने का बहुत अच्छा मौका है. योगी आदित्यनाथ.. अगर चाहें तो उत्तर प्रदेश के बच्चों को बचा सकते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि योगी आदित्यनाथ.. उत्तर प्रदेश के लोगों की उम्मीदों को पूरा करेंगे.

इस विश्लेषण के अंत में हम उन दर्शकों को धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने हमारा समर्थन किया हमारी हिम्मत बढ़ाई और हमें अपना Feedback दिया.

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