ज़ी जानकारी: मुशर्रफ की Slip Of Tounge, दाउद इब्राहीम को लेकर किया खुलासा!

दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है ये बात भारत पिछले कई वर्षों से लगातार कहता आया है. लेकिन हर बार पाकिस्तान ने हमारी बातों को मानने से इनकार किया. हालांकि, हमारे पड़ोस में जनरल परवेज़ मुशर्रफ जैसे लोग भी हैं जो कभी-कभार ग़लती से सच बोल देते हैं. इस ग़लती को आम बोल-चाल की भाषा में Slip Of Tounge कहा जाता है. पाकिस्तान के एक News Channel को दिए Interview के दौरान जनरल परवेज़ मुशर्रफ से भी यही ग़लती हो गई.

उन्होंने बातों-बातों में ये बात स्वीकार कर ली कि हां….दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है उन्होंने उसकी Location भी बता दी और जब उन्हें अहसास हुआ…कि उनसे ग़लती हो गई है….तो उन्होंने पूरे मामले को U-Turn देने की कोशिश की और ये कहा कि पाकिस्तान दाऊद को पकड़ने में भारत की मदद क्यों करेगा? पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ का ये बयान आपको सुनना चाहिए.

कारगिल युद्ध में पीठ दिखाकर भागने वाले जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ आजकल बहुत परेशान हैं…क्योंकि, पाकिस्तान में उनकी Market Value फिलहाल न्यूनतम स्तर पर है…और वो अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं…जिससे उनकी पब्लिसिटी वाली भूख मिट सके. लेकिन, दाऊद इब्राहिम को लेकर उन्होंने जो कुछ भी कहा है….उससे अब वो पीछे नहीं हट सकते. क्योंकि ये सबकुछ उन्होंने कैमरे पर कहा है.

वैसे मुशर्रफ़ एक दूसरे Interview के दौरान ये भी मान चुके हैं कि पाकिस्तान के पास सिर्फ़ फौज नहीं.. बल्कि दूसरे Source भी हैं.. यहां दूसरे Source का मतलब है आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान एक अरसे से भारत के खिलाफ करता रहा है मुशर्रफ की नज़रों में हाफिज़ सईद जैसे आतंकवादी किसी Hero से कम नहीं हैं.

परवेज़ मुशर्रफ़ की पाकिस्तान में उतनी ही हैसियत है जितनी संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान की हैसियत है और वैसे भी मुशर्रफ के ग्रह इन दिनों अच्छे नहीं चल रहे. दाऊद इब्राहिम को लेकर दिए गए बयान के बाद वो फंस चुके हैं.

उधर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में परवेज़ मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. आपको बता दें, कि जब बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की गई थी…उस वक्त परवेज़ मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे. और इस हत्या के मामले में वो भी एक आरोपी हैं. आज पाकिस्तान की Anti-Terrorism Court ने परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी संपत्ति को जब्त करने का आदेश भी दिया है.

वैसे सूचना ये भी है, कि Trump प्रशासन ने पाकिस्तान को 255 मिलियन डॉलर की सैन्य आर्थिक मदद दी है. लेकिन ये मदद बहुत कड़ी शर्तों के साथ दी गई है. पाकिस्तान इस सैन्य आर्थिक मदद का इस्तेमाल तभी कर पाएगा, जब वो अफगानिस्तान में जारी आतंक के नेटवर्क पर कार्रवाई करेगा.

हालांकि, ये भी अपने आप में एक विरोधाभास ही है. क्योंकि कुछ दिन पहले ही Donald Trump ने सीधे-सीधे पाकिस्तान को आतंकवाद और आतंकवादियों का साथ देने वाला देश बताया था और भारत से रिश्ते मज़बूत करने की वकालत की थी.

सवाल ये है कि इतने कम समय में पाकिस्तान ने ऐसा कौन सा तीर मार दिया…कि उसे इतनी बड़ी रकम दी गई है. क्या ये अमेरिका का दोहरा चरित्र नहीं है? जिसमें वो एक तरफ पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने का नाटक करता है और दूसरी तरफ उसे पैसा भी देता है.

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