जीएसटी लागू करने का कार्यक्रम एक ‘तमाशा’ : राहुल गांधी

नई दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी लागू करने के कार्यक्रम को ‘तमाशा’ करार देते हुए कहा कि इस सुधार पहल को आधे अधूरे ढंग से खुद का प्रचार करने की कवायद के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. विदेश में छुट्टियां मना रहे राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर साधा निशाना

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘एक सुधार जिसमें अपार संभावनाएं थी, उसे आधे अधूरे ढंग से खुद का प्रचार करने की कवायद के रूप में पेश किया जा रहा है..जीएसटी तमाशा।” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘किन्तु नोटबंदी की तरह जीएसटी को अकुशल एवं असंवेदनशील सरकार द्वारा योजना, दूरदृष्टि एवं संस्थागत तैयारियों के बिना लागू किया जा रहा है।’

 

राहुल ने कहा कि नोटबंदी के उलट जीएसटी का हमने समर्थन किया है

राहुल ने कहा कि भारत में जीएसटी लागू इस तरह करना चाहिए जिससे कि इससे करोड़ों आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों एवं कारोबारियों को भारी पीड़ा एवं चिंता से न गुजरना पड़े. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के विपरीत जीएसटी एक ऐसा सुधार है जिसकी कांग्रेस ने बहुत शुरूआत से ही वकालत और समर्थन किया है. 

 

कांग्रेस ने किया बैठक का बहिष्कार

राहुल के इस ट्वीट से एक दिन पहले कांग्रेस ने जीएसटी को आधीरात में लागू करने के संबंद्ध में संसद के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित विशेष बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा ने दुनिया में अभी तक की सबसे अधिक जीएसटी दर लगाई है जबकि पूर्व संप्रग गठबंधन ने इस कर पर 18 प्रतिशत की सीमा रखी थी.

कांग्रेस ने कहा कि दुकानदारों, व्यापारियों और छोटे कारोबारियों का जीवनयापन प्रभावित होगा

सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी सरकार के पांच स्तरीय कर ढांचे वाली भारी भरकम जीएसटी से दुकानदारों, व्यापारियों और छोटे कारोबारियों का जीवनयापन प्रभावित होगा. 
सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस के जीएसटी विधेयक की भावना थी..एकल, सरल, पारदर्शी, बिना जटिल एवं मुद्रास्फीति घटाना. वर्तमान जीएसटी इसके बिल्कुल विपरीत है..भाजपा के जीएसटी की परिभाषा है जटिल एवं क्रियान्वयन का बोझ.’

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