ZEE जानकारी: भारत का Cartosat-2 Series उपग्रह यानी ‘आसमान में भारत की आंख’

हमारी अगली ख़बर आपको खुश होने के एक या दो नहीं.. बल्कि पूरे 100 मौके देगी. क्योंकि, ISRO…अब अंतरिक्ष की दुनिया का ऐसा खिलाड़ी बन गया है, जिसका Strike Rate दुनिया में सबसे अच्छा है. ISRO ने आज एक साथ 31 Satellites की क़ामयाब Launching की है. PSLV-C40 रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में स्थापित किए गए Cartosat-2 Series के इन सभी Satellites का कुल वज़न 1 हज़ार 323 किलोग्राम है. जिसमें भारत के अलावा….Canada, Finland, France, ब्रिटेन और अमेरिका के Satellites भी शामिल हैं. इनमें भारत के Cartosat-2 Series Satellite का वजन 710 किलोग्राम है, जबकि बाकी के 30 Satellites का वजन 613 किलोग्राम है.

भारत के Cartosat-2 Series, Satellite को Eye In The Sky यानी ‘आसमान में भारत की आंख’ भी कहा जाता है. ये एक Earth Observation Satellite है, जो धरती की तस्वीरें लेता है. इस Series के Satellite में State-Of-The-Art Pan-Chromatic Camera लगा हुआ है. इसकी मदद से ली गई तस्वीरों के आधार पर ज़रुरी Data इकट्ठा किया जाता है. इसका इस्तेमाल Urban और Rural Infrastructure Development के अलावा, भौगोलिक स्थिति से जुड़ी जानकारियां हासिल करने के लिए होता है. इसका इस्तेमाल भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमा के इलाकों में दुश्मनों पर नज़र रखने के लिए भी किया जाता है. 

Cartosat-2 Series के Satellites से ली गई तस्वीरें कैसी होती हैं…इसे समझने के लिए हमने ISRO की Website की मदद ली. और इस वक्त आप वही तस्वीरें देख रहे हैं. पहली तस्वीर राजस्थान के किशनगढ़ रेलवे स्टेशन की हैं, जिसे 26 जून 2017 को अंतरिक्ष से लिया गया था. दूसरी तस्वीर उत्तर प्रदेश के एक इलाके की है. जिसे अगले दिन 27 जून 2017 को लिया गया था. तीसरी तस्वीर तेंलगाना के शाद नगर की हैं. चौथी तस्वीर Qatar की राजधानी Doha की है. इन सभी तस्वीरों की सबसे बड़ी ख़ासियत है, इनकी Clarity…यानी सबकुछ साफ-साफ दिखाई दे रहा है.

हमने आपको Cartosat-2 Series के Satellites से ली गई इन तस्वीरों को सिर्फ इसलिए दिखाया…ताकि आप ये समझ सकें…कि इस Series के Satellites की Launching से पाकिस्तान में मातम जैसा माहौल क्यों है. पाकिस्तान, इस Launching से एक दिन पहले काफी चिंतित था.पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (11 जनवरी) को चिंता जताते हुए ये कहा था…कि भारत अगर इन Satellites को Launch करता है…तो उससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ने का ख़तरा है. वहां के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये भी कहा था…कि भारत इसका इस्तेमाल अपने नागरिकों की भलाई के अलावा, सैन्य अभियानों के लिए भी कर सकता है.

वैसे, पाकिस्तान की ये चिंता जायज़ है. क्योंकि, अब आसमान से भारत की आंख..उसकी एक-एक हरकत पर नज़र रखेगी. आतंकवादी और भारत के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोग इस Satellite की नज़र से बच नहीं पाएंगे. वैसे नोट करने वाली बात ये भी है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को launch कर रहा है जबकि भारत सैटेलाइट लॉन्च कर रहा है.

आपने अक्सर सुना होगा कि जो कक्षा में प्रवेश करेगा वही आखिरी इम्तिहान में पास होगा . भारत अंतरिक्ष की कक्षा में कई वर्ष पहले ही प्रवेश कर गया था और अब भारत अंतरिक्ष की दुनिया का Topper बनता जा रहा है. और अंतरिक्ष में भारत की अपार सफलता के पीछे ISRO के वैज्ञानिकों की काबिलियत और मेहनत का सबसे बड़ा योगदान है. Satellite Launching की सेंचुरी पूरी करने के मामले में किसी एक व्यक्ति का योगदान नहीं है. बल्कि इसमें ISRO की पूरी टीम लगी हुई थी, जिसका नेतृत्व देश के बड़े वैज्ञानिकों के मज़बूत कंधों पर था.

आपने इन वैज्ञानिकों को कभी कोई नारेबाज़ी करते हुए नहीं देखा होगा, आपने कभी इन्हें सड़कों पर कोई मांग या धरना प्रदर्शन करते हुए नहीं देखा होगा, इन्हें हड़ताल करते हुए नहीं देखा होगा.. इन्हें मीडिया में इंटरव्यू देते हुए नहीं देखा होगा…. इन्हें देश के बारे में नकारात्मक बाते करते हुए नहीं देखा होगा.. और आपने कभी इन वैज्ञानिकों को देश के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए भी नहीं सुना होगा.. और शायद यही कारण है कि आजकल के मीडिया के हिसाब से ये हेडलाइन्स में आने के लिए Qualify नहीं करते. क्योंकि ये वैज्ञानिक विवादों से दूर रहते हैं और चुपचाप अपना काम करते हैं. ये वैज्ञानिक चाहते तो पैसा कमा सकते थे.. किसी दूसरे देश में जाकर बस सकते थे लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया. ये लोग पढ़े लिखे हैं.. देश के लिए काम कर रहे हैं.. और इनका काम किसी तरह की पब्लिसिटी का मोहताज नहीं है. और हमें लगता है कि भारत का असली Brand Ambassador इन्हें ही होना चाहिए. आज का दिन ISRO के हर वैज्ञानिक और उसके परिवार को सलाम करने का है. क्योंकि इन लोगों ने दुनिया के मंच पर अपने देश भारत की शान बढ़ाई है…

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